बुलंदशहर। सदर तहसील क्षेत्र के एत्माद सराय गांव में बृहस्पतिवार शाम एक कच्चे मकान की मरम्मत के दौरान अचानक छत का हिस्सा और छज्जा भरभराकर नीचे आ गिरा। हादसे के वक्त नीचे खेल रही ढाई वर्ष की मासूम बच्ची मलबे की चपेट में आ गई।
परिजन और स्थानीय लोग बच्ची को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, हादसे में काम कर रहे मृतका का फुफेरा भाई गोलू, मजदूर टिंकू और रिश्तेदार युवक हनी घायल हो गए, जिनका उपचार जारी है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
पंचायत सहायक गांव एत्माद सराय इमरान ने बताया कि गांव निवासी गौरव मजदूर हैं। गौरव पिछले कुछ दिनों से अपने मकान की मरम्मत का कार्य करवा रहे थे। बृहस्पतिवार शाम को छत पर दीवार बनाने के लिए मिस्त्री और मजदूर काम में लगे हुए थे। इसी दौरान अचानक गैलरी की सपोर्टिंग बीम कमजोर होकर नीचे दरक गई। बीम टूटते ही छत और छज्जे का बड़ा हिस्सा एक झटके में नीचे आ गिरा।
जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय गौरव की ढाई वर्षीय छोटी बेटी कीर्ति छत के नीचे गैलरी वाले हिस्से में खेल रही थी। भारी-भरकम मलबा और लेंटर का टुकड़ा सीधे मासूम कीर्ति के ऊपर जा गिरा। वहीं, मजदूर समेत तीन लोग घायल हो गए। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए मलबे को हटाया और नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल मासूम कीर्ति को परिजन तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया।
एडीएम-एसडीएम ने पहुंचकर किया जायजा
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और तहसील की टीम के साथ अपर जिलाधिकारी प्रशासन नीतीश कुमार सिंह और एसडीएम सदर अंगद यादव मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़ित परिवार से वार्ता कर घटना के संबंध में पूरी जानकारी जुटाई। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और शासन के नियमानुसार हर संभव शासकीय सहायता व मुआवजा दिलाए जाने का आश्वासन दिया है। एडीएम ने कहा कि जांच कराई जा रही है, पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद दिलाई जाएगी।
पापा, अभी आई... कहकर दौड़ी थी कीर्ति, अब हमेशा के लिए खामोश
एत्माद सराय गांव की गलियों में रोज अपनी तोतली बोली और खिलखिलाहट से रौनक बिखेरने वाली ढाई साल की कीर्ति की यह अंतिम शाम साबित होगी, ऐसा किसी ने सोचा भी न था। परिजनों के मुताबिक, गौरव जब छज्जा तोड़ रहे थे, तब कीर्ति आंगन में ही खेल रही थी।
कुछ पल पहले ही वह अपनी मां के पास से यह कहकर भागी थी कि पापा काम कर रहे हैं... और देखते ही देखते काल ने उसे अपने आगोश में ले लिया। लिंटर का टुकड़ा गिरते ही गौरव छत से नीचे भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। गोदी में उठाकर जब पिता अपनी बच्ची को अस्पताल ले जा रहे थे, तो उसकी सांसे थम चुकी थीं।
गांव एत्माद सराय में गिरे मकान के छज्जे का जायजा लेते अधिकारी। स्रोत: ग्रामीण