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Bulandshahar News: छह किमी तक काल बनकर दौड़ा डंपर, दो की मौत, 15 घायल

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डिबाई में सड़क हादसे में घायल महिला को अस्पताल ले जाते लोग। संवाद
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डिबाई। अनियंत्रित डंपर सोमवार शाम लगभग छह किलोमीटर तक मौत बनकर दौड़ता रहा। करीब साढ़े पांच बजे महादेव चौराहे पर एक के बाद एक पांच वाहनों को रौंद दिया। हादसे में दो मौसेरे भाइयों की मौत हो गई। 15 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। अपने सामने मौत का मंजर देख चौराहे पर मौजूद हर व्यक्ति की रूह कांप गई। इससे पहले कसेरकलां में भी एक बाइक को टक्कर मारी थी। महादेव चौराहे से 200 मीटर पहले एक राहगीर भी बाल-बाल बचा था।
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चौराहे पर मौजूद लोगों ने बताया कि डंपर ने सबसे पहले एक बाइक को टक्कर मारी। बाइक पर दो लोग सवार थे। दोनों की ही मौत हो गई। बाइक के बाद सड़क के किनारे खड़े सब्जी के ठेले को रौंद दिया। फिर एक के बाद एक तीन टेंपो को रौंदता चला गया है। जब तक लोग कुछ समझ पाते डंपर को हाईवे पर छोड़कर आरोपी चालक फरार हो गया। तीन टेंपो में सवार 15 यात्री भी गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में चार लोगों की हालत गंभीर है। उन्हें हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया है। मृतकों की पहचान डिबाई के गालिबपुर निवासी सुनील (22) और अलीगढ़ के अतरौली क्षेत्र के ममेड़ी निवासी सचिन (23) के रूप में हुई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने डंपर को कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर दी है।
चश्मदीद मोहित ने बताया कि डंपर तेज रफ्तार में डिबाई की तरफ आ रहा था। सबसे पहले उसने कसेर के पास एक बाइक को टक्कर मारी थी। फिर पैठ चौराहे पर भी योगेश जायसवाल नाम के राहगीर बाल-बाल बचे। वह अगर साइड में नहीं गिरते तो उनके साथ भी अनहोनी हो सकती थी। यहां से 200 मीटर आगे महादेव चौराहे पर तो तबाही ही मचा दी। चश्मदीद रोहित और मोनू ने कहा कि बहुत ही डरावना मंजर था। देखकर लगा कि कई लोगों की जान जा सकती है।
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ये हुए घायल :
देवी नगर निवासी सिद्धवती, बुलंदशहर निवासी गुड्डी, देवी नगला निवासी कपिल, मुनेश, भुरिया और कुंती, सावित्री, गीता दानपुर निवासी सोनू, चौढ़ेरा निवासी सुनील कुमार, ममेड़ी निवासी केपी सिंह, डिबाई के चौक दुर्गा प्रसाद निवासी प्रेम किशोर रस्तोगी, देवेश रस्तोगी घायल हुए हैं।

पिता की मौत के बाद मौसी के पास रहता था सचिन

हादसे में मौत के शिकार हुए अलीगढ़ निवासी सचिन के पिता की 20 साल पहले मौत हो चुकी है। पिता की मौत के बाद से ही वह गांव गालिबपुर स्थित अपनी मौसी के घर पर रहता था। सुनील और सचिन मौसेरे भाई थे। दोनों ही अविवाहित थे। अपने-अपने घर में इकलौते कमाने वाले थे। दोनों टाइल्स लगाने का काम करते थे। सोमवार को सुनील और सचिन बाइक पर एक साथ डिबाई आए थे।
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