अनूपशहर में चल रही भागवत कथा सुनते श्रद्धालु। संवाद
अनूपशहर। भैरिया स्थित भृगुक्षेत्र आश्रम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में व्यास आचार्य शिवदत्त भारद्वाज ने कहा कि भगवान का नाम का स्मरण सदैव मंगलकारी होता है। नाम का स्मरण चाहे जाने में या अनजाने में।
कथा व्यास ने जड़ भरत का चरित सुनाते हुए कहा कि मनुष्य को जो सांसें मिली हैं पता नहीं वह कब रुक जाए। इसलिए सदैव भगवान का स्मरण करते रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अजामिल ने मरते समय अपने पुत्र नारायण का नाम लिया। इसी से उसका उद्धार हो गया। आचार्य शिवदत्त भारद्वाज ने शिवचरित, ध्रुव चरित व प्रह्लाद चरित की कथा सुनाकर भक्तों को भावविभोर कर दिया।
कथा का आयोजन स्वामी पूर्णानंद महाराज की स्मृति में अच्युत नारायण भृगुक्षेत्र आश्रम सेवा संस्थान के बैनर तले किया जा रहा है। इस मौके पर शिवानंद महाराज, आचार्य विनीत अवस्थी, विनोद कुमार, सुनील शर्मा, संजीव कुमार आदि मौजूद रहे।
इधर अहार गेट स्थित पुरबिया बाबा आश्रम में हो रहे लक्ष्मीनारायण महायज्ञ के शुभारंभ से पूर्व बबस्टरगंज गंगातट से कलश यात्रा निकाली गई।