फसलों के मुआवजे के लिए आठ घंटे धरने पर रहे किसान
ककोड़। बारिश से बर्बाद फसल के मुआवजे और खेतों के पास से गुजर रहे नाले की सफाई की मांग को लेकर क्षेत्र के गांव चौकी खाजपुर के किसानों ने गांव में धरना दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन किसान अधिकारी के मौके पर पहुंचने की मांग पर अड़े रहे। नायब तहसीलदार के आश्वासन पर किसानों ने आठ घंटे बाद धरना समाप्त किया।
किसानों ने बताया कि बारिश के कारण खेतों में पानी भरने से उनकी धान की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। फसल के खराब होने के कारण उनपर आर्थिक संकट आ गया है। वह अपने बच्चों की स्कूल फीस तक जमा नहीं कर पा रहे हैं और कर्ज में डूब गए हैं। उनके खेतों के पास से गुजर रहे नाले की करीब 20 वर्ष से सफाई नहीं हुई है। इससे खेतों का पानी नाले से बाहर जाने की बजाए उल्टे नाले का पानी फसलों में भर जाता है। बारिश से बर्बाद फसल का मुआवाजा और खेतों से गुजर रहे नाले की सफाई की मांग को लेकर सोमवार सुबह करीब आठ बजे किसान गांव में ही धरने पर बैठ गए। दोपहर करीब चार बजे नायब तहसील प्रवीन कुमार शर्मा मौके पर पहुंचे और किसानों से वार्ता की। नायब तहसील के उचित मुआवजा दिलाने और अन्य समस्याओं का समाधान के आश्वासन पर किसानों ने धरना समाप्त किया। धरने में किसान लक्ष्मण सिंह, कुलदीप, मिंटू, अमित, ललित फौजी, सागर, देशमुख शर्मा, सचिन, अंकित, छोटू आदि मौजूद रहे।
किसानाें को मिले बर्बाद फसल का मुआवजा
बुलंदशहर/बुगरासी। भाकियू महाशक्ति ने सोमवार को एसडीएम से मिलकर बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा दिलाने की मांग की। ऐसा न होने पर उन्होंने धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है। फसल बर्बाद होने से किसानों में काफी रोष है, क्योंकि उनकी लागत भी अब नहीं निकल पाएगी। भाकियू महाशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह के नेतृत्व में दर्जनों पदाधिकारी व कार्यकर्ता एसडीएम कार्यालय पहुंचे और सदर एसडीएम को ज्ञापन दिया। उन्होंने 25 हजार रुपये प्रति बीघा के हिसाब से मुआवजा देने की मांग की।
बुगरासी में हिंदुस्तान उत्थान पार्टी ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। पार्टी अध्यक्ष ज्ञानेश कुमार चौहान ने फसल नुकसान का आकलन कर तत्काल मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि महंगाई से लोग पहले ही परेशान थे। अब किसानों की सारी फसल बर्बाद हो गई है। इससे किसानों के साथ-साथ लोगों को भी महंगाई से जूझना पड़ेगा।