बुलंदशहर। ख्वाजपुर मीरपुर गांव के संविलियन विद्यालय में बच्चों को मिड-डे मील में दिए जाने वाले दूध में पानी मिलाने का मामला सामने आया है। खंड विकास अधिकारी के निरीक्षण में मिलावट पकड़ी जाने के बाद बीएसए ने स्कूल की प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर दिया है।
प्रशिक्षु आईएएस और खंड विकास अधिकारी बुलंदशहर प्रफुल्ल कुमार शर्मा ने 13 सितंबर को गांव ख्वाजपुर मीरपुर स्थित संविलियन विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान स्कूल में पंजीकृत 295 बच्चों में से 200 ही उपस्थित पाए गए। स्कूल की प्रधानाध्यापिका ने बताया कि बच्चों के लिए मिड-डे मील में दूध दिया जाएगा। लेकिन बच्चों की संख्या के मुताबिक दूध की मात्रा कम पाई गई। खंड विकास अधिकारी ने बताया कि बच्चों की संख्या के मुताबिक 35 लीटर दूध होना चाहिए था, वहां सिर्फ 30 लीटर दूध था। रसाेइया से पूछताछ में पता चला कि उसमें भी लगभग पांच लीटर पानी मिलाया गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि निरीक्षण की रिपोर्ट मिलने पर प्रधानाध्यापिका शाहजहां परवीन को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में प्रधानाध्यापिका गांव नीमखेड़ा स्थित स्कूल से संबद्ध रहेंगी।
इस तरह हुआ मिलावट का खेल
कक्षा पांच तक के बच्चों को 150 मिली और छह से आठ तक के बच्चों को 200 मिली दूध दिए जाने का प्रावधान है। इस तरह से उपस्थित बच्चों की संख्या के आधार पर करीब 35 लीटर दूध उपलब्ध होना चाहिए था। मौके पर लगभग 30 लीटर दूध मिला, उसमें भी पानी मिलाया गया था। खंड विकास अधिकारी ने बताया कि मानक से पांच लीटर दूध कम था, जिसकी कीमत करीब 250 रुपये बैठती है। एक महीने में इस हिसाब से 1000 से 1250 रुपये की चोरी होती है।
मिड-डे मील में लाखों का होता है खेल
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 2399 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं संविलियन विद्यालय हैं। इनमें दो लाख 45 हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। अभी तक संबंधित विभाग के अधिकारी ही विद्यालयों का निरीक्षण करते हैं। विभाग की छवि खराब न हो, इसलिए वह इस तरह के मामलों को दबा देते हैं। दूसरे विभाग के अधिकारी ने एक स्कूल का निरीक्षण किया, जिसमें एक महीने में 1000 से 1250 रुपये की गड़बड़ी सामने आई। 2399 स्कूलों की सही से निगरानी की जाए तो मिड-डे मिल में लाखों रुपये का खेल सामने आएगा। सबसे ज्यादा बच्चों की उपस्थिति और अनुपस्थिति में गड़बड़ी की जाती है।
बीएसए ने लिखा बच्चों के स्वास्थ्य के साथ हुआ खिलवाड़
बीएसए डा. लक्ष्मीकांत पांडेय ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि पानी मिला दूध पिलाने के कारण बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य दोनों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उच्चाधिकारियों के आदेशों की भी अवहेलना की गई है, यह क्षमा योग्य नहीं है। प्रधानाध्यापिका ने अधिकारी को भी गुमराह किया।
कर्मचारी गया था पांच लीटर दूध लेने
जिसको फांसी दी जाती है, उससे भी आखिरी इच्छा पूछ ली जाती है। यहां तो अधिकारियों ने कुछ सुना ही नहीं है, न ही मेरा स्पष्टीकरण मांगा। सीधे निलंबित कर दिया है। दूध में पानी नहीं मिला हुआ था। जैसा दूध आ रहा है, वैसा बच्चों को पिलाया जा रहा है। जब अधिकारी निरीक्षण कर रहे थे, उस समय पांच लीटर दूध लेने के लिए कर्मचारी को भेजा हुआ था। मेरी अधिकारियों ने नहीं सुनी। सभी आरोप गलत हैं।
- शाहजहां परवीन, प्रधानाध्यापिका, संविलियन विद्यालय ख्वाजपुर मीरजपुर