20 से 25 रुपये बढ़े घी व रिफाइंड के दाम
बुलंदशहर। होली पर लोगों को महंगाई की मार झेलनी होगी। रूस के हमले के बाद गहराए यूक्रेन संकट का असर बाजार में पड़ने लगा है। इससे त्योहारी सीजन से पहले ही बाजार में खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ गए हैं। फुटकर बाजार में रिफाइंड व वनस्पति घी के दाम 20 से 25 रुपये प्रति लीटर बढ़ गए हैं। त्योहारी सीजन के मौके पर आई तेजी ने व्यापारियों के साथ लोगों की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं।
रंगों के त्योहार होली पर घर-घर गुझिया, पापड़, चिप्स, मठरी और दूसरे पकवान बनाए जाते हैं। इन पकवानों में देशी घी, रिफाइंड, वनस्पति घी आदि का प्रयोग होता है। यूक्रेन के हालात बिगड़ने से वहां से माल आयात करने में बाधाएं आ रही हैं। इससे शहरों में खाद्य तेलों के रेट प्रति किलो 20 से 25 रुपये बढ़ गए हैं। माना जा रहा है कि यह तेजी आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है। ऐसे में इसका असर होली के त्योहार पर साफ दिखेगा। थोक और फुटकर व्यापारियों का कहना है कि थोक बाजार में ही माल महंगा मिल रहा है। ऐसे में खुले आजार में महंगा बेचना मजबूरी है।
बाजार में फुटकर का भाव
वस्तु 15 फरवरी के भाव - वर्तमान भाव
रिफाइंड 125 से 140 रुपये - 150 से 180 रुपये
वनस्पति घी 120 से 140 रुपये - 140 से 160 रुपये
सरसों का तेल 160 से 170 रुपये - 170 से 180 रुपये
घी 380 से 450 रुपये - 500 से 550 रुपये
बोले व्यापारी
यूक्रेन और रूस के युद्ध से कच्चा तेज महंगा हो गया है। भारत बड़ी मात्रा में तेल यूक्रेन से आयात करता है। चूंकि वहां युद्ध चल रहा है ऐसे में माल कम आ पाने की वजह से खाद्य तेलों के दाम बढ़े हैं। - राजेबाबू अग्रवाल, थोक व्यापारी
वनस्पति घी महंगा होने का असर बाजार पर भी पड़ा है। आमतौर पर वनस्पति, रिफाइंड व सरसों के तेल का प्रयोग होता है। तीनों ही महंगे होने से रसोई पर भी असर पड़ेगा। - निमिष अग्रवाल, व्यापारी नेता
15 दिन से वनस्पति घी व रिफाइंड के दाम कंपनियों ने बढ़ा दिए हैं। 20 से 25 रुपये प्रति लीटर तक तेलों के दाम महंगे हुए हैं। कंपनियों से महंगा खाद्य पदार्थ मिलने के कारण महंगा बेचा जा रहा है। - तुषार अग्रवाल, व्यापारी
देश में यूक्रेन से रिफाइंड आयात होता है। युद्ध के चलते आयात पर असर पड़ा है। टीन पर दो से ढाई सौ रुपये तक की कीमतें बढ़ चुकी हैं। - सौरभ अग्रवाल, व्यापारी