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पांच घंटे में भी नहीं पहुंची एंबुलेंस, प्रसूता ने तोड़ा दम

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मृतका प्रवेश देवी का फाइल फोटो। - फोटो : BULANDSHAHR
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पांच घंटे में भी नहीं पहुंची एंबुलेंस, प्रसूता ने तोड़ा दम
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बुलंदशहर/नरौरा। नाकारा सिस्टम की गैर जिम्मेदाराना कार्यशैली ने प्रसूता की जान ले ली। रामघाट गांव ऊंचागांव खादर में सोमवार रात सूचना के बाद भी एंबुलेंस नहीं मिलने पर प्रसव पीड़ा से तड़पकर प्रसूता की प्रसव उपरांत मौत हो गई। परिजनों ने पांच घंटे तक एंबुलेंस आने का इंतजार किया। परिजनों ने एंबुलेंस चालक के खिलाफ शिकायत करने की बात कही है।
रामघाट थाना क्षेत्र के ऊंचागांव खादर निवासी श्रीनिवास यादव की पत्नी प्रवेश (34) को सोमवार रात नौ बजे प्रसव पीड़ा हुई। गांव में कोई स्वास्थ्य केंद्र न होने और वाहन की सुविधा न होने पर श्रीनिवास ने 108 नंबर पर कॉल कर सहायता मांगी। 108 नंबर पर कॉल करने के थोड़ी देर बाद एंबुलेंसकर्मी का फोन आया और लोकेशन की जानकारी मांगी और थोड़ी देर में पहुंचने की बात कही। दो घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची तो कॉल कर जानकारी लेने पर चालक ने बताया कि बारिश के कारण मार्ग में कीचड़ होने से एंबुलेंस लाने में असमर्थ हैं।
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रात 11 बजे पुत्री को दिया जन्म
परिजनों ने बताया कि रात 11 बजे पत्नी द्वारा कन्या को जन्म दिया गया, इसके बाद प्रसूता की हालत बिगड़ती चली गई और रात्रि दो बजे उपचार के अभाव में पत्नी ने दम तोड़ दिया।
चार बेटों के बाद बेटी को दिया जन्म
मृतका पहले से चार बच्चों की मां थी और पांचवीं संतान के रूप में कन्या को जन्म दिया। कन्या का जन्म होने से परिवार में खुशी की लहर छा गई, लेकिन किसी को नहीं पता था कि जिसने उसे जन्म दिया है वही, उसका पालन पोषण करने से दूर हो जाएगी। कन्या को जन्म देने के तीन घंटे बाद महिला की मौत हो गई। पति श्रीनिवास ने बताया कि एंबुलेंस चालक के खिलाफ मुख्यमंत्री को लिखित रूप में शिकायत कर कार्रवाई की मांग करेंगे।
आ जाती एंबुलेंस तो बच सकती थी जान
पति श्रीनिवास ने बताया कि नौ बजे से रात दो बजे तक एंबुलेंस के आने का इंतजार किया। जबकि एंबुलेंस कॉल करने के 20 से 30 मिनट में संबंधित स्थान पर पहुंच जाती है। अगर एंबुलेंस दो घंटे बाद भी मौके पर आ जाती तो पत्नी की जान बच जाती।
एंबुलेंस चालक द्वारा सड़क की वजह से वाहन न ले जाने की बात गलत है। बालू खनन ठेका के कारण भारी वाहनों के निकलने के कारण सड़क क्षतिग्रस्त है। लेकिन इसके बाद भी वाहन चलते रहते हैं।
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- राजकुमार यादव, प्रधान पति
मामला संज्ञान में नहीं है। मामले की जानकारी की जा रही है। एंबुलेंस चालक वार्ता करने के बाद भी एंबुलेंस लेकर मौके पर क्यों नहीं पहुंचा इसकी जांच कर लापरवाही मिलने पर उच्च अफसरों को अवगत कराया जाएगा।
अंशु गोयल, एंबुलेंस सेवा प्रभारी
मामले की जानकारी नहीं है। जानकारी की जाएगी। पीड़ित द्वारा 108 पर कॉल कर एंबुलेंस की सहायता मांगी गई है तो एंबुलेंस की सेवा मिलनी चाहिए थी।
- विनय कुमार सिंह, सीएमओ
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