गांव पारौली निवासी शिवकुमार ने तहरीर देकर बताया कि बुधवार को उसकी बहन की बरात आई थी। रात में बरात चढ़त का कार्यक्रम चल रहा था। गांव में ही होकर बरात निकाली जा रही थी। बैंड-बाजे की धुनों पर बराती नाच गा रहे थे। इसी दौरान ग्राम प्रधान पति योगेंद्र शर्मा व तीन अज्ञात आरोपी कार से वहां पहुंचे और बरात को रोक दिया।
आरोप है कि प्रधान पति ने कहा कि उसके घर के आगे से बरात नहीं गुजरने देंगे। जब, पीड़ित पक्ष ने इस बाबत विरोध किया तो आरोपी ने पिस्टल निकालकर धमकाना शुरू कर दिया। साथ ही पुलिस से शिकायत करने पर परिवार सहित हत्या करने की धमकी भी दी। पुलिस व गांव के अन्य लोगों को एकत्र होते हुए देख कर आरोपी मौके से भाग निकले। जिसके बाद चढ़त की रस्म पूरी की जा सकी।
पुलिस ने मामले में तहरीर के आधार पर ग्राम प्रधान पति समेत तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। हालांकि, अभी किसी को पकड़ा नहीं जा सका है। वहीं, पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जिस समय चढ़त का कार्यक्रम चल रहा था, उसी दौरान ग्राम प्रधान अपनी कार लेकर निकल रहे थे। कार को निकालने को लेकर विवाद हुआ था।
गांव में तनाव
मामला एक ही गांव में दो जातिवाद गुटों से जुड़ा होने के कारण तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मौके पर पहुंच कर स्थिति को संभाल लिया गया है। साथ ही गांव में पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया है।
करीब एक घंटे तक चला हंगामा, बरातियों को भी धमकाया
ग्रामीणों ने बताया कि चढ़त रोकने को लेकर करीब एक घंटे तक हंगामा चलता रहा। इस दौरान बरात लेकर आए दूल्हा पक्ष के लोगों ने बीच बचाव करते हुए विरोध जताया तो आरोप है कि प्रधान पति के द्वारा उनके साथ भी बदसलूकी की गई।
मामले में तहरीर के आधार पर ग्राम प्रधान पति समेत तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई हे। गहनता से मामले की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में मामला बरात रोकने का सामने नहीं आया है। बताया जा रहा है कि ग्राम प्रधान पति अपनी कार लेकर उधर से निकल रहे थे। तभी कार को बरात से निकालने को लेकर विवाद हो गया था। जांच के बाद पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। - दिलीप सिंह, सीओ शिकारपुर।