ढाई लाख उपभोक्ताओं पर 300 करोड़ का बिल बकाया
बुलंदशहर। जिले में 250 लाख बकायेदारों पर बिजली निगम का 300 करोड़ से अधिक का बिल बकाया है। बकाया बिल की वसूली करने में बिजली निगम के अधिकारी फिसड्डी साबित हो रहे हैं।
बकाएदारों से बिल वसूलना बिजली निगम के अधिकारियों के लिए हमेशा टेढ़ी खीर रहा है। बकाया वसूली में लापरवाही पर जिले में कई अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है, लेकिन पिछले एक वर्ष में तमाम प्रयासों के बाद भी बिजली निगम के अधिकारी अपेक्षित बिल की वसूली नहीं कर पाए हैं। अब हालत यह है कि जिले में 2.5 लाख से अधिक उपभोक्ताओं पर बिजली निगम का 300 करोड़ रुपये बकाया है। करीब पांच लाख उपभोक्ताओं में से 19 हजार उपभोक्ता तो ऐसे हैं जिन पर एक लाख या इससे अधिक का बिल बकाया है। जबकि 10 हजार से अधिक बकाया वाले उपभोक्ताओं की संख्या 1.90 लाख है। 10 हजार से कम बकाया वाले उपभोक्ताओं की संख्या भी 70 हजार से अधिक है। हालात यह है कि शहरी खंड में ही एक लाख से अधिक बकाया वाले उपभोक्ताओं की संख्या 162 और 10 हजार से अधिक बकाया वाले 5915 उपभोक्ताओं पर कुल 135.57 करोड़ रुपये का बिल बकाया है। शहरी खंड के अधिकारियों ने एक लाख से अधिक बकाया वाले 16 उपभोक्ताओं से 38.13 लाख का बिल वसूला गया है। इसके बाद भी अधिकारियों ने बकाएदारों से बिल वसूली के लिए अभी तक बड़े स्तर पर कोई न तो कदम उठाया और न ही अभियान चलाया है।
सरकारी विभागों पर करोड़ों बकाया, फिर भी कार्रवाई नहीं
जिले में सरकारी विभागों पर भी करोड़ों रुपये का बिल बकाया है, लेकिन बिजली निगम के अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। जिला पंचायत द्वारा बनाए गए काला आम स्थित मॉल पर भी करीब 90 लाख रुपये बकाया है, लेकिन यहां भी वसूली के लिए प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। जबकि सिंचाई विभाग पर करीब एक करोड़, श्रम विभाग पर 97 लाख, व्यापार कर विभाग पर 97 हजार, वित्त विभाग पर चार हजार, वन विभाग पर करीब नौ लाख. लोक निर्माण विभाग पर 13 लाख, माध्यमिक शिक्षा विभाग पर 23.32 लाख, स्वास्थ्य विभाग पर करीब 1.5 करोड़, खाद्य एवं रसद विभाग पर 39 हजार, खंड विकास अधिकारियों पर चार लाख 53 हजार समेत जिले में करीब 30 करोड़ रुपये का बिल बकाया है, लेकिन यहां से वसूली के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
वसूली के लिए लखनऊ से आए आदेश, फाइलों में कैद
बिजली के बकाया बिल की वसूली के लिए लखनऊ से आदेश जारी हुए, लेकिन स्थानीय अधिकारियों ने इन आदेशों को फाइलों में कैद करके रख दिया। हालात यह हैं कि अभी तक जमीनी स्तर पर बिल वसूली के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई। अधिकारी विभिन्न माध्यम से बकाएदारों से बिल जमा करने के लिए अपील कर रहे हैं, जिसका असर बकाएदारों पर नहीं हो रहा है।
औद्योगिक क्षेत्रों में बकाएदारों की भरमार
औद्योगिक क्षेत्र सिकंदराबाद और खुर्जा खंड में बकाएदारों की भरमार है। बताया जा रहा है कि दोनों खंड में करीब 41 हजार उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन पर विभाग का 70 करोड़ से अधिक का बिल बकाया है। इन उपभोक्ताओं में एक लाख से अधिक बकाया वाले उपभोक्ताओं की संख्या 36 हजार के करीब है। जबकि 10 हजार से कम बकाया वाले उपभोक्ताओं की संख्या 17 हजार के करीब है।
बकाया वसूली के लिए नोटिस जारी करने के साथ ही कनेक्शन काटने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही और सख्त कदम उठाए जाएंगे। शासन के निर्देशानुसार अधिक से अधिक बिल वसूली के प्रयास किए जाएंगे। - अवधेश कुमार सिंह, चीफ इंजीनियर, बिजली निगम