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Bulandshahar News: पाकिस्तानी नागरिक से राज उगलवाएगी पुलिस, रिमांड की तैयारी

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बुलंदशहर। नगर के सुशीला विहार क्षेत्र से गिरफ्तार किए गए पाकिस्तानी नागरिक के मामले में पुलिस अब आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी में है।
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आरोपी के पास से बरामद संदिग्ध दस्तावेजों और उसके लंबे समय से छिपकर रहने के तौर-तरीकों ने पुलिस और खुफिया विभाग के कान खड़े कर दिए हैं। सोमवार को आरोपी को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए पुलिस न्यायालय में अर्जी दाखिल करेगी। रिमांड मिलने के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां संयुक्त रूप से पूछताछ कर यह पता लगाएंगी कि आरोपी का असली मकसद क्या था और उसके तार किन गतिविधियों से जुड़े हैं। अवैध रूप से रह रहे पाकिस्तानी नागरिक की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। जांच अधिकारियों का कहना है कि रिमांड के दौरान उन सभी चेहरों को बेनकाब किया जाएगा, जिन्होंने उसे शरण दी और सरकारी तंत्र में सेंधमारी कर उसके दस्तावेज तैयार करवाए।
नगर कोतवाल के नेतृत्व में पुलिस टीम को बृहस्पतिवार शाम सूचना मिली थी कि सुशीला विहार में छिपा संदिग्ध व्यक्ति रेलवे लाइन के रास्ते शहर के व्यस्त काला आम चौराहे की ओर आने वाला है। जैसे ही आरोपी रेलवे लाइन क्रॉस करके नुमाइश फ्लाईओवर के नीचे पहुंचा पुलिस ने उसे दबोच लिया। कड़ाई से हुई पूछताछ और दस्तावेजों की गहन जांच के बाद उसके पाकिस्तानी होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
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जांच में सामने आया है कि आरोपी की तीन बहनें बुलंदशहर और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से रह रही हैं। पुलिस अब इनके वैवाहिक और सामाजिक संपर्कों की पड़ताल कर रही है। बड़ी बहन उजमा का वर्ष 1993 में फैसलाबाद (कोतवाली नगर) निवासी आरिफ से निकाह हुआ। वर्तमान में बीसा कॉलोनी में रहती हैं। पति दिल्ली में कबाड़ का काम करता है।
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दूसरी बहन सबीना का वर्ष 2001 में गुलावठी के गांव सैठा निवासी कासिम से निकाह हुआ। कासिम मेरठ के नौचंदी क्षेत्र में डेयरी चलाता है। तीसरी बहन अमरीन अलीजबा का वर्ष 2015 में सैठा निवासी शादाब से निकाह हुआ। शादाब मजदूरी करता है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इन परिवारों को आरोपी के पाकिस्तानी होने की जानकारी थी या वे भी इस साजिश का हिस्सा हैं। खुफिया विभाग की टीमें इन सभी के बैंक खातों और कॉल डिटेल्स को भी खंगाल रही हैं जिससे कि किसी भी तरह के विदेशी फंडिंग या संदिग्ध बातचीत का पता लगाया जा सके।
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