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Bulandshahar News: मिलावटी निकले पनीर, खोया और सरसों के तेल, 41 मिलावटखोरों पर 12.50 लाख का जुर्माना

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बुलंदशहर। आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। एडीएम प्रशासन न्यायालय ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों के 41 मामलों में सुनवाई करते हुए मिलावटखोरों को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने इन सभी पर कुल 12 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अक्टूबर 2024 में भुन्ना जाटान में पकड़ी गई नकली पनीर फैक्टरी के संचालक पर सबसे अधिक जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा सिद्ध बाबा डेयरी डिबाई के संचालक पर भी 30 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।
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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा पिछले कुछ महीनों में जिले के विभिन्न बाजारों, होटलों, डेयरियों और मिठाई की दुकानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए थे। इन नमूनों को जांच के लिए राजकीय लैब भेजा गया था। लैब से प्राप्त रिपोर्ट में पाया गया कि संबंधित दुकानदारों और कारोबारियों द्वारा बेचे जा रहे उत्पाद न केवल अधोमानक थे, बल्कि कई मामलों में स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक और असुरक्षित भी पाए गए।
इसी रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने कोर्ट में वाद दायर किया था। इस पूरी कार्रवाई में खुर्जा क्षेत्र के गांव भुन्ना जाटान का मामला सबसे गंभीर रहा। यहां चौधरी डेयरी पर खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त के नेतृत्व में टीम ने अक्टूबर 2024 में छापेमारी कर एक बड़े नकली पनीर बनाने के गिरोह का पर्दाफाश किया था। उस समय यहां 735 किग्रा. पनीर और दूध से बने अन्य खाद्य पदार्थ, चार हजार लीटर दूध और 1100 लीटर ऐसा घातक पदार्थ मिला था, जिसे पनीर और अन्य खाद्य पदार्थ बनाते समय मिलाया जाना था। यहां से जांच के दौरान मौके से लिए गए पनीर के चार नमूने लैब में पूरी तरह फेल पाए गए।
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पनीर बनाने में इस्तेमाल किए जा रहे घातक रसायनों और असुरक्षित तत्वों की पुष्टि होने के बाद, एडीएम कोर्ट ने इस मामले के दोषियों पर 1 लाख 65 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा डिबाई की सिद्ध बाबा डेयरी से पनीर और नरैरा के अन्य खाद्य पदार्थ कारोबारी के यहां से लिए गए खोया के सैंपल फेल हो गए। इन पर भी जुर्माना लगाया गया है।

कोर्ट की टिप्पणी.. सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
फैसला सुनाते हुए एडीएम प्रशासन न्यायालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री एक गंभीर अपराध है, क्योंकि यह सीधे तौर पर आम नागरिकों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर प्रहार करता है। कोर्ट ने जोर दिया कि मुनाफे के लालच में जनता को बीमारी परोसने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। यह जुर्माना न केवल एक दंड है, बल्कि उन लोगों के लिए चेतावनी भी है जो भविष्य में ऐसी गतिविधियों में संलिप्त होने की सोच रहे हैं।

अधिकारी बोले, जारी रहेगा अभियान
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों का भी कहना है कि यह कार्रवाई अभी थमी नहीं है। विभाग की टीमें लगातार बाजारों, मिठाई की दुकानों और फैक्ट्रियों पर पैनी नजर रखे हुए हैं। आगामी त्योहारों और आम दिनों में भी औचक निरीक्षण और सैंपलिंग का काम जारी रहेगा। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे जागरूक रहें और किसी भी स्थान पर मिलावट की आशंका होने पर विभाग को सूचित करें।
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