बुलंदशहर। अब जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को मरीजों को रेफर करने का कारण बताना होगा। सामान्य मरीजों को रेफर किए जाने के मामले में सीएमओ ने यह निर्देश जारी किए हैं। मरीज को किस हाल में रेफर किया गया, इसकी जांच के लिए मरीजों और तीमारदारों से भी पूछताछ की जाएगी। इससे स्वास्थ्य केंद्रों की हकीकत का भी पता चल सकेगा।
जिलेभर में लोगों को उपचार देने के लिए 100 बेड राजकीय चिकित्सालय डिबाई, एसएसएमजे खुर्जा, महिला चिकित्सालय खुर्जा व संयुक्त चिकित्सालय सिकंदराबाद, 13 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व 60 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित है। यहां पर सामान्य मरीजों को भर्ती कर उपचार देने के लिए स्टाफ के साथ-साथ संसाधन भी उपलब्ध हैं। इसके बावजूद क्षेत्र के लोगों को समय से उपचार नहीं मिल पाता। यहां से सामान्य मरीजों को भी रेफर कर दिया जाता है। ऐसे मरीज प्रतिदिन जिला अस्पताल की इमरजेंसी में आ रहे हैं। जिसे अमर उजाला ने संज्ञान में लेकर 29 सितंबर के अंक में सीएचसी में सामान्य मरीजों को भी नहीं मिल पा रहा है उपचार शीर्षक से समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया। जिसे सीएमओ ने संज्ञान में लिया है।
अब मरीजों को रेफर करने का सीएचसी-पीएचसी प्रभारी को कारण बताना होगा। इसकी जानकारी के लिए मरीज या तीमारदार से बात भी की जाएगी। लापरवाही मिलने पर संबंधित पर कार्रवाई होगी। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ