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ममता हत्याकांड में दोषी पति, सास और ससुर को आजीवन कारावास

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ममता हत्याकांड में दोषी पति, सास और ससुर को आजीवन कारावास
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बुलंदशहर। रामघाट थाना क्षेत्र के गांव गंगागढ़ में महिला ममता की हत्या के मामले में कोर्ट ने पति तेजवीर, ससुर नानकराम और सास मुन्नी देवी को दोषी माना है। एडीजे/एफटीसी प्रथम दीपिका तिवारी की कोर्ट ने तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास व 10-10 हजार रुपये अर्थदंड सुनाया है। आरोपियों ने दहेज की खातिर और ममता को बच्चा न होने पर उसकी हत्या की थी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ध्रुव कुमार वर्मा ने बताया कि 30 जुलाई 2019 को चोखेलाल निवासी गांव चौगानपुर थाना हरदुआगंज जनपद अलीगढ़ ने रामघाट थाने में तहरीर दी थी। इसमें उन्होंने बताया था कि उसने अपनी पुत्री ममता की शादी तेजवीर निवासी गांव गंगागढ़ थाना रामघाट के साथ की थी। साथ ही दूसरी पुत्री चंद्रवती की भी शादी तेजवीर के भाई राकेश के साथ की थी। आरोपी ससुरालीजन ममता को बच्चा न होने पर व दहेज की मांग पूरी न होने पर परेशान करते थे। 30 जुलाई को ममता के पति तेजवीर, सास मुुन्नी देवी और ससुर नानकराम ने ममता को खाने में जहर दे दिया। इसकी सूचना उनकी छोटी पुत्री चंद्रवती ने फोन पर उन्हें दी। उन्होंने ही ममता को हायर मेडिकल सेंटर पहुंचाया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी पति, सास व ससुर जेल भेज दिया था।
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सात लोगों ने दी गवाही
मामले में वादी चोखेलाल, मृतका की बहन चंद्रवती, मृतका की मां ओमवती, भाई बंटी सिंह, चिकित्सक अजय कुमार सिंह, लेडी कांस्टेबल रीतू और क्षेत्राधिकारी विक्रम सिंह की गवाही हुई। इसके आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी माना और सजा सुनाई।
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इस तरह के मामले महिला अपराध को देते हैं बढ़ावा: कोर्ट
सजा सुनाने के दौरान न्यायालय ने बच्चा न होने पर उत्पीड़न करने और दहेज मांगने को जघन्य अपराध माना है। साथ ही कहा कि इस तरह के मामले समाज में महिलाओं के प्रति अपराध को बढ़ावा देते हैं, इन अपराधाें पर लगाम लगाने के लिए दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिया जाना ही न्यायोचित है।
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