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विधानसभा में गूंजा जिला पंचायत मॉल का प्रकरण

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विधानसभा में गूंजा जिला पंचायत मॉल का प्रकरण
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बुलंदशहर। काला आम चौराहे पर जिला पंचायत द्वारा बनाए गए मॉल के निर्माण में धांधली का मुद्दा विधानसभा में उठाया गया। सदर विधायक ने मामले में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष, अपर मुख्य अधिकारी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए संपत्ति जांच की मांग की है। इससे पहले भी विधायक द्वारा प्रकरण में शिकायत की जा चुकी है।
वर्ष 2013 में जिला पंचायत द्वारा करीब 28 करोड़ की लागत से काला आम चौराहे के पास मॉल का निर्माण कराया था। इसमें व्यावसायिक के साथ आवासीय परिसर भी बनाए गए थे। निर्माण को पूरा हुए करीब 10 वर्ष बीत चुके हैं लेकिन मॉल अभी तक चालू नहीं हो सका है। कई बार मॉल निर्माण में धांधली को लेकर शिकायतें हुईं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई भी नहीं हुई है। अब मामले को सदर विधायक प्रदीप चौधरी ने विधानसभा में उठाते हुए पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरेंद्र यादव, आशा यादव और तत्कालीन अपर मुख्य अधिकारी प्रदीप कुमार पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि प्रदेश में इकलौती जिला पंचायत है, जिसने नगर क्षेत्र में मॉल का निर्माण कराया और मानकों को ताक पर रखा गया। बिना अधिकार के आवंटियों को 99 वर्ष के लिए दुकान व मकानों का आवंटन किया गया था, जबकि जिला पंचायत को 30 वर्ष से अधिक समय के लिए आवंटन करने का अधिकार ही नहीं था। इसके अलावा दुकान व मकानों के आवंटन में भी अनियमितताएं बरतते हुए चहेते नेताओं को आवंटन किया गया। आवंटन के दौरान किसी भी प्रकार की बोली नहीं लगाई गई, जिससे जिला पंचायत को वित्तीय नुकसान भी झेलना पड़ा।
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मॉल के निर्माण और आवंटन में नहीं मिली गड़बड़ी
मॉल निर्माण के प्रकरण में कई बार शिकायत की गई हैं। मेरी तैनाती से पहले भी इसकी जांच हुई थी, लेकिन जांच में सब कुछ ठीक मिला है। आगे जो भी टीम जांच करेगी, उसका पूरा सहयोग किया जाएगा। मॉल के निर्माण और आवंटन में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है।
- विद्याशंकर पांडेय, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत
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