जिला महिला चिकित्सालय में रैंप से उतरकर नीचे आते लोग। संवाद
बुलंदशहर। जिला महिला चिकित्सालय परिसर में लगी लिफ्ट में पिछले दो दिन से लोग अटक जा रहे हैं। लिफ्ट समय-समय पर खराब होने से गर्भवती महिलाओं को लेबर रूम जाने में परेशानी हो रही है। वहीं, पहले से भर्ती जच्चा को डिस्चार्ज होने पर नवजात संग पैदल नीचे आने में परेशानी हो रही है।
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला महिला चिकित्सालय में 100 बेड की मेटरनिटी विंग संचालित हो रही है। चार मंजिला इस बिल्डिंग में दो लिफ्ट लगी हुई हैं। पिछले दो में समय-समय पर लिफ्ट बंद हो जाने पर कर्मचारी व तीमारदार फंस गए। इसके बाद काफी लोगों ने लिफ्ट का प्रयोग बंद कर दिया है। लिफ्ट खराबी की जानकारी पर अधिकांश गर्भवती महिला व उसके साथ आए बुजुर्ग तीमारदारों को रैंप या जीने से आना-जाना पड़ रहा है। वहीं, प्रसूताओं को नवजात संग जीने या रैंप से आना पड़ा। चिकित्सालय में भर्ती गर्भवतियों से मिलने के लिए सुबह से शाम तक करीब 200 लोगों और स्टाफ को चौथी मंजिल तक आने-जाने के लिए जीने या रैंप का प्रयोग करना पड़ा।
दोनों लिफ्ट फरवरी माह में सही करवा दी गई थीं। बिजली जाने पर लिफ्ट बंद हो जाती हैं। हो सकता है, उसी समय किसी ने लिफ्ट का प्रयोग किया हो। - डॉ. अजय पटेल, सीएमएस जिला महिला चिकित्सालय