लगातार बदल रहे मौसम के बीच अहार क्षेत्र में गेहूं की फसल की कटाई करते किसान। संवाद
बुलंदशहर। मौसम के मिजाज में उतार-चढ़ाव जारी है। मंगलवार शाम बारिश ने लोगों को गर्मी से कुछ राहत दी। बुधवार सुबह से ही हल्के बादल छाए रहे। इसके साथ-साथ चिलचिलाती धूप के बीच उमस ने लोगों को पसीना-पसीना कर दिया। वैज्ञानिक अब भी मौसम बिगड़ने और बारिश होने का अनुमान जता रहे हैं।
पिछले कई दिन से कभी बूंदाबांदी और कभी बारिश और चिलचिलाती धूप का सिलसिला जारी है। ऐसे मौसम के बीच गेहूं उत्पादक किसानों की चिंता कम नहीं हो रही। किसान रामकुमार व नरेंद्र सिंह का कहना है कि इस समय गेहूं की कटाई शुरू हो गई तो अधिकतर फसल पकवार पर है। यदि ऐसे में तेज हवाओं के बीच बारिश होती है तो किसानों को नुकसान होगा। बारिश होने पर गिरने व कटी फसल का दाना काला पड़ सकता है और उत्पादन भी प्रभावित हो सकता है। इस समय बारिश किसी भी तरह ठीक नहीं है। वहीं, पिछले काफी दिनों से लगातार बदल रहे मौसम के बीच मंगलवार की शाम बारिश होने के बाद बुधवार सुबह से ही हल्के छाए रहे।
बादलों के बीच तेज धूप निकलने के साथ ही हवा की गति भी बढ़ गई। उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल नजर आए। बुधवार को अधिकतम तापमान 34 और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आर्द्रता 38 फीसदी और हवा की गति आठ किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास रही। कृषि विज्ञान केंद्र की अध्यक्ष व मौसम वैज्ञानिक डॉ. रेशु सिंह ने बताया कि लगातार बदल रहे मौसम के बीच अभी मौसम गड़बड़ाने ओर आने वाले दिनों में बारिश होने की संभावना बन रही है। यदि बारिश तेज होती है तो इससे गेहूं की फसल पर प्रभावित हो सकती है। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 35 और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।