बुलंदशहर। घर में घुसकर पूर्व ब्लॉक प्रमुख के सौतेले पुत्र की लाइसेंसी राइफल से हत्या के चार आरोपियों को कोर्ट ने दोषी ठहराया है। अदालत ने चारों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा 43-43 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
24 नवंबर 2021 को अगौता के गांव शरीफपुर भैंसरोली निवासी मुस्तकीम ने पुलिस को शिकायत दी थी। बताया था कि गांव निवासी समीर, शाहिद, आरिफ व साकिब ने उनके घर में घुसकर लाइसेंसी राइफल से उनके बेटे इरफान की हत्या कर दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। साथ ही चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद 17 जनवरी 2022 को आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी। एफटीसी चतुर्थ डाॅ. सुरेश कुमार की कोर्ट में चारों आरोपियों के खिलाफ सुनवाई करते हुए गवाहों के बयान दर्ज किए गए। साथ ही लाइसेंसी राइफल की फॉरेंसिक रिपोर्ट व मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद बुधवार को चारों आरोपियों को इरफान की हत्या का दोषी पाया गया।
रुपयों के लेनदेन में की गई थी हत्या
अगौता थाना क्षेत्र के गांव शरीफपुर भैंसरोली निवासी शोभा रानी अगौता की पूर्व ब्लॉक प्रमुख रही हैं। उनके पति मुस्तकीम की पहली पत्नी जीनत का पुत्र इरफान का गांव में ही सैलून चलाता था। साथ ही पड़ोस में रहने वाले युवक से विवाद चल रहा था। 24 नवंबर की दोपहर करीब दो बजे इरफान अपनी बाइक से कहीं जा रहा था। इसी दौरान पड़ोसी युवक ने इरफान को रोक लिया और दोनों के बीच बाल कटवाने व रुपयों के लेनदेन को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद आरोपी लाइसेंसी राइफल लेकर अपनी छत पर चढ़ गया और इरफान पर फायरिंग कर दी। जान बचाने के लिए इरफान अपने घर में घुसा लेकिन आरोपी भी उसके पीछे-पीछे घर में घुस गया और हत्या कर दी। आरोपी ने मृतक के बड़े भाई इमरान पर भी फायरिंग की थी। जिसमें वह छर्रे लगने से घायल हो गया था।
छेड़छाड़ के दोषी होमगार्ड को तीन साल की सजा
अहमदगढ़ थाने में तैनात रहे होमगार्ड को छेड़छाड़ के मामले में कोर्ट ने दोषी ठहराया है। डिबाई के एक गांव निवासी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने 13 सितंबर 2017 को पुलिस को शिकायत देकर बताया कि अहमदगढ़ थाने में तैनात होमगार्ड श्याम कुमार शर्मा फोन कर धमकी दे रहा है। जब आरोपी के धमकाने पर वह एक मामले में बयान दर्ज कराने के लिए पहुंचीं तो आरोपी उन्हें लेकर एक सुनसान जगह गया और उनके साथ अश्लील हरकत करते हुए दुष्कर्म का प्रयास किया। वह किसी तरह आरोपी से बचकर निकलीं। इस दौरान आरोपी ने धमकी दी कि यदि किसी को बताया तो अंजाम अच्छा नहीं होगा। अब अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिवा नंद की कोर्ट ने आरोपी होमगार्ड को दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।