किसानों ने रास्ते जाम किए, दुकानें बंद कराईं
बुलंदशहर। संयुक्त किसान मोर्चा के भारत बंद के समर्थन में किसानों ने जिले भर में चक्का जाम कर दुकानें भी बंद कराईं। शहर में साप्ताहिक बंदी के चलते ज्यादातर दुकानें बंद रहीं। खुर्जा और स्याना में भाकियू के कार्यकर्ताओं ने दुकाने बंद कराईं। सुबह 11 बज से शाम चार बजे किसानों ने कालाआम चौराहे पर जाम लगाया। पुलिस ने यातायात डायवर्ट करवाहन निकलवाए।
सोमवार सुबह 11.30 बजे भाकियू महासचिव मांगेराम त्यागी के नेतृत्व में किसानों ने कालाआम चौराहे पर ट्रैक्टर, टॉली, बुग्गी, गाड़ी लगाकर यातायात रोक दिया। किसान कालाआम से गुजरने वाले सभी छह रास्ताें पर बैठ गए। किसान नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए तीनों कृषि कानून किसानों के हित में नहीं है। किसानों का धान, गेंहू और मक्का मंडियों में कम दामों में बेचा जा रहा है। सरकार एमएसपी पर गारंटी का कानून बनाए और तीनों कृषि कानूनों को रद्द किया जाए। रालोद के जिलाध्यक्ष अरूण चौधरी ने कहा कि सरकार से किसान नौजवान सभी दुखी हैं। इस दौरान,डॉ. कुंवरवीर चौधरी, अन्नू चौधरी, योगेंद्र सिंह, राजीव चौधरी, आसिफ गाजी, आदि मौजूद रहे।कांग्रेस के जिलाध्यक्ष चौधरी श्योपाल सिंह ने कहा कि किसानों को बर्बाद करने के लिए तीनों कानून लाए गए हैं। इस दौरान सुभाष गांधी, सुशील चौधरी, देवरंजन नागर, मुनीर अकबर आदि मौजूद रहे। वहीं, आम आदमी पार्टी के सदर विधानसभा प्रभारी और प्रदेश उपाध्यक्ष विकास शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ता कालाआम पहुंचे और किसानों के धरने को समर्थन दिया। इस दौरान मुजाहिद अंसारी, बृजेश अवस्थी, सौरभ, दीपक आदि लोग मौजूद रहे।
किसानों को मनाते रहे डीएम-एससपी
डीएम-एसएसपी कालाआम चौराहा, सिकंदराबाद, गुलावठी व चोला क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए पुलिस को विशेष सतर्कताबरतने और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के निर्देश दिए में पहुंचे और किसानों को जाम न लगाने के लिए मानते रहे।
डायवर्ट किया रूट, दिन भर जाम से जूझे लोग
बंद के दौरान लोगों को दिन भर जाम से जूझना पड़ा। वाहनों का दवाब अधिक होने के कारण संकररी गलियों में भी जाम लगा रहा। इस दौरान पुलिस द्वारा नगर के लल्ला बाबू चौराहा पर वाहनों को केवल एक तरफ चलाया गया। कालाआम चौराहे से कचहरी रोड, दिल्ली रोड, डीएम रोड की ओर आवागमन बंद रहा।स्याना अड्डा से काली नदी रोड के लिए वाहनों का आना जाना बंद रखा गया। जिसके चलते बाईपास पर वाहनों का दवाब बढ़ गया। एसपी सिटी सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि लोगों की सुविधा के लिए रूट डायवर्जन किया गया था।
बच्चों ने झेली मुसीबत, पैदल गईं महिलाएं
दोपहर करीब दो बजे जैसे ही स्कूलों की छुट्टी हुई वैसे हर सड़कों पर वाहनों का दबाव और गढ़ गया। स्कूल से घर जाने वाले छात्रों को कालाआम चौराहे पर साइकिल को बैरिकेड के ऊपर से उठाते हुए निकलना पड़ा। डायवर्जन के चलते महिलाओं और बच्चों को ई-रिक्शा पकड़ने के लिए पैदल चलना पड़ा। धूप में बैग और सामान लेकर आ-जा रहीं महिलाओं को परेशानी सामना करना पड़ा। दोहर करीब एक बजे एसपी सिटी सुरेंद्र नाथ तिवारी की गाड़ी काला आम चौराहे पर पहुंची तो किसानों ने उनकी गाड़ी रोक ली और आगे नहीं जाने दिया। बाद में उन्हें अस्पताल होते हुए लल्ला बाबू चौराहे की ओर से कार्यालय आना पड़ा।
जाम में फंसे लोग हुए परेशान
जबकि धमैड्डा अड्डा निवासी कल्लो ने बताया कि छह माह के बच्चे की तबियत खराब थी। जाम के कारण कड़ी धूप में मासूम बच्चे को लेकर पैदल ही अस्पताल जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। दवाई बांटने वाले गिरिराज सिंह ने बताया कि चौक बाजार निवासी कल्पना गर्ग ने बताया कि आवश्यक कार्य के कारण डीएम रोड जाना था। इस दौरान बीच में कई स्थानों पर जाम लगा रहे लोगों ने उन्हें रोका। इसके बाद गलियों से होकर डीएम रोड जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।