पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की अस्थियों को नरौरा, अयोध्या और काशी में विसर्जित किया जाएगा। 27 अगस्त को फूल चुनने के बाद नरौरा, अयोध्या और काशी में अस्थि विसर्जन किया जाएगा। मंगलवार को भी लोगों ने अंत्येष्टि स्थल पर पहुंचकर जननायक को श्रद्धांजलि दी।
सांसद डॉ. भोला सिंह ने बताया कि बाबूजी के परिजन 27 अगस्त को फूल चुनने के बाद नरौरा गंगा में अस्थियों का विसर्जन करेंगे। साथ ही रामजन्म भूमि के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाने वाले कल्याण सिंह की अस्थियों को अयोध्या और काशी में भी विसर्जित करने की तैयारी है। अलीगढ़ में एक सितंबर को अरिष्टि का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
अंत्येष्टि स्थल पर तैनात रही पुलिस, सांसद और चेयरमैन ने किया नमन
नरौरा। बच्चा पार्क में कल्याण सिंह के अंत्येष्टि स्थल पर चिता से फूल (अस्थि) चुने जाने तक सुरक्षा चाक चौबंद रखी गई है। चिता स्थल के चारों ओर पुलिस ने बैरियर लगाकर बैरिकेडिंग कर दी है। तहसील प्रशासन की ओर से लेखपाल व सिंचाई विभाग के कर्मी भी लगे हुए हैं। सांसद भोला सिंह, नगर पंचात नरौरा के चेयरमैन विवेक वशिष्ठ, भाजपा मंडल अध्यक्ष बीबी सिंह, भाजपा नेता इं. रविन्द्र सिंह, चंद्रपाल सिंह, युवा मोर्चा अध्यक्ष कप्तान सिंह, प्रधान ओमवीर सिंह, नरेश शर्मा आदि अंत्येष्टि स्थल पर पहुंचे और बाबूजी को याद कर श्रद्धाजंलि दी।
बच्चा पार्क में मंगलवार को भी आमजन को नहीं मिला प्रवेश
मंगलवार को भी लोगों का अंत्येष्टि स्थल पर पहुंचने का तांता लगा रहा। लेकिन बाबूजी के अंत्येष्टि स्थल पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। वहां तैनात पुलिस कर्मियों द्वारा आमजन को बच्चा पार्क में जाने की इजाजत नहीं दी गई।
रात पौने आठ बजे रवाना हुए राजबीर सिंह
कल्याण सिंह के अंतिम संस्कार के बाद देर शाम करीब पौने आठ बजे उनके पुत्र एवं एटा सांसद राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया अपने परिवार के साथ अंत्येष्टि स्थल बच्चा पार्क से अलीगढ़ आवास के लिए से रवाना हुए।
बच्चा पार्क बनेगा कल्याण सिंह पार्क, लगेगी प्रतिमा
नरौरा के बसी गंगा घाट और गांधी गंगा घाट के बीच स्थित बच्चा पार्क में ही कल्याण सिंह का स्मारक बनाया जाएगा। बताया जा रहा है कि पार्क में ही स्मारक के साथ ही कल्याण सिंह की प्रतिमा भी लगाई जाएगी। और पार्क का नाम बदलकर कल्याण सिंह स्मारक रखा जाएगा। जबकि बच्चा पार्क अन्य स्थानों पर बनाए जाने की तैयारी की जा रही है। सांसद डॉ. भोला सिंह ने बताया कि इस बात सरकार को पत्र भी भेजा जाएगा। सिंचाई विभाग के एसडीओ अंकित सिंह ने बताया कि अभी तक कोई भी प्रस्ताव फाइनल होकर नहीं आया है। जिसके चलते अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। शासन के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। मेडिकल कॉलेज का नाम भी कल्याण सिंह के नाम पर रखने की मांग सांसद ने मुख्यमंत्री से की है। साथ ही अनूपशहर-अलीगढ़ संपर्क मार्ग का नाम भी कल्याण सिंह के नाम पर रखने की मांग की है।