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बुलंदशहर: 12 साल बाद जनता को मिली काली नदी पर पुल की सौगात, सुगम सफर के साथ होगी समय की बचत

Sun, 26 Dec 2021 10:18 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर

सार

अधिशासी अभियंता ने बताया कि हाईकोर्ट के 18 फरवरी 2022 तक निर्माण कार्य पूरा करने आदेश है, जिसे पूरा किया जा रहा है। प्रारंभ में इसकी लागत 2.85 करोड़ के आसपास थी, जो अब बढ़कर 7.5 से 8 करोड़ तक पहुंच गई है।
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हुर्थला स्थित काली नदी पुल पर मिट्टी डालने के दौरान एकत्र ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शिकारपुर में काली नदी पर गांव हुर्थला के पास पुल की सौगात मिलने में लोगों को 12 वर्ष का समय लग गया। कई वर्षों तक पुल पिलर पर टंगा रहा लेकिन हाईकोर्ट में अपील करने के चलते उसका रास्ता नहीं बनाया गया। अब हाईकोर्ट का आदेश मिलने के बाद अधिकारियों ने पुल के दोनों ओर मिट्टी डालकर पुल चालू कराया है।

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वर्ष 2008-09 में बसपा सरकार के समय में काली नदी पर बनवारीपुर, रामपुर, पहासू समेत कई स्थानों पर पुलों का निर्माण कराया गया था। इसमें शिकारपुर क्षेत्र के अंतर्गत हुर्थला के पास भी पुल बनाया गया था। पुल निर्माण के बाद दोनों ओर बनने वाली सड़क के लिए जमीन का अधिग्रहण किया गया था। जमीन के मुआवजे में असमानता का आरोप लगाते हुए कुछ किसानों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जिसके चलते पुल पर रास्ते का निर्माण नहीं कराया गया था। इसके चलते पुल चालू नहीं हो सका था।

हालांकि अब हाईकोर्ट के 18 फरवरी 2022 तक पुल के दोनों ओर सड़क निर्माण का कार्य पूरा करने के आदेश से अधिकारी हरकत में आए और हुर्थला और भटवारा ग्राम प्रधान के सहयोग से पुल के दोनों ओर मिट्टी डालने का काम मात्र दो दिन में पूरा कर दिया गया। अब पुल के चालू होने से सलेमपुर से खुर्जा की दूरी मात्र नौ किमी रह जाएगी। अभी तक शिकारपुर से खुर्जा जाने के लिए लोगों को करीब 21 किमी का सफर करना पड़ता था।

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11 वर्ष में 2.85 से 7.5 करोड़ तक पहुंची पुल निर्माण की लागत

वर्ष 2007-08 में पुल निर्माण शुरु होने के दौरान इसकी लागत 2.85 करोड़ रखी गई थी। लेकिन पुल निर्माण में आई बाधाओं को दूर करते करते एक दशक का समय लग गया। पीडब्लूडी खुर्जा खंड के अधिशासी अभियंता ने बताया कि हाईकोर्ट के 18 फरवरी 2022 तक निर्माण कार्य पूरा करने आदेश है, जिसे पूरा किया जा रहा है। प्रारंभ में इसकी लागत 2.85 करोड़ के आसपास थी, जो अब बढ़कर 7.5 से 8 करोड़ तक पहुंच गई है।
हाईकोर्ट में कुछ लोगों ने मुआवजे के लिए अपील की थी, जिसके चलते कार्य रुक गया था। हाईकोर्ट के आदेश पर अब मिट्टी डालकर कार्य पूरा कराते हुए पुल चालू करा दिया गया है। - हेमंत कुमार सिंह, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
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