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फिजा में गूंजे देशभक्ति के तराने

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गुलावठी में स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा यात्रा निकालते भाकियू कार्यकर्ता। - फोटो : BULANDSHAHR
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फिजा में गूंजे देशभक्ति के तराने
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बुलंदशहर। आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर रविवार को नगर व क्षेत्र में स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया। सरकारी, गैर सरकारी, स्कूल, कॉलेजों, संस्थाओं और राजनीतिक पार्टियों के कार्यालय पर ध्वजारोहण किया गया। इस अवसर पर फिजा देशभक्ति के तरानों से गूंज उठी। युवाओं ने तिरंगा यात्रा निकाली।
कलक्ट्रेट परिसर में डीएम ने ध्वजारोहण करते हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि वर्षों की मेहनत और हजारों की संख्या में क्रांतिकारियों की शहादत के बाद देश को आजादी मिली थी। इस मौके पर एडीएम वित्त सहदेव कुमार मिश्र, एडीएम प्रशासन डा. प्रशांत भारती, सिटी मजिस्ट्रेट जगदंबा सिंह मौजूद रहे। इसके बाद अधिकारियों ने मलका पार्क स्थित महात्मा गांधी, स्वामी विवेकानंद और कालाआम स्थित शहीद पार्क में माल्यार्पण करने के बाद कुष्ठ आश्रम में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कुष्ठ रोगियों की समस्याएं सुनते हुए तालाब का पानी आश्रम में आने पर ग्राम प्रधान को सोख्ता गड्ढा बनवाने का निर्देश दिया।
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बुलंदशहर विकास प्राधिकरण के सभागार में वीसी हर्षिता माथुर ने ध्वजारोहण करते हुए शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर बीडीए सदस्य अजय त्यागी, प्रभारी सचिव नीरज गुप्ता, एसई वीके सोनकर, सहायक अभियंता मुनीश शर्मा, वेद प्रकाश सिंह, चंद्र सिंह मौजूद रहे। जिला कारागार के गेट पर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जेल अधीक्षक मिजाजी लाल और अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी।
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जहां हिंदू-मुसलमां प्यार से मिलजुल के रहते हैं...
जिला पंचायत सभागार में स्वतंत्रता दिवस की संध्या पर महफिल ए मुशायरा और कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हरिगोपाल तिवारी ने की। मुख्य अतिथि के तौर पर नौशाद अली खान राणा बर्नी मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. शैयद निजामी शैदा राही व शंभु दत्त त्रिपाठी ने किया। डॉ. निजामी ने ‘जहां हिंदू-मुसलमां प्यार से मिलजुल के रहते हैं, उसे हम फखरिया लहजे में हिंदुस्तां कहते हैं’ का पाठ कर समा बांध दिया। इस दौरान बुद्ध पाल सिंह, आलोक बेजान, वीरेंद्र चौहान, डा. कमल किशोर भारद्वाज, नवीन चतुर्वेदी, लियाकत कमाल पुरी, मुबीन रहबर, इरशाद अहमद समेत अन्य कवियों ने भी कविता पाठ किया।
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