अनूपशहर में लाल महादेव घाट पर गंगा के पानी से कटाव की जद में 11 हजार की बिजली की लाइन। संवाद
अनूपशहर/नरौरा। गंगा के जलस्तर में लगातार इजाफा हो रहा है। कस्बे के लाल महादेव घाट, पातली घाट, बबस्टर गंज घाट सहित अन्य घाटों की सीढ़ियां पूरी तरह से डूब गई हैं। बिजनौर गंगा बैराज से सोमवार को सवा लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था जो नरौरा बैराज से आगे छोड़ दिया गया है। अब 40 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जो बुधवार सुबह तक अनूपशहर पहुंच जाएगा। वहीं गंगा के लगातार जलस्तर में हुए इजाफे के बाद लाल महादेव घाट से आगे कटाव प्रारंभ हो गया है। प्रशासनिक अधिकारी गंगा घाटों का दौरा कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
नरौरा बैराज के जल लेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि बैराज पर कुल पानी की आवक 1.27 लाख 12 हजार क्यूसिक प्रति सेकंड हो रही है। बैराज से गंगा की निचली धारा डाउन स्ट्रीम में 1,15,180 क्यूसिक पानी की निकासी की जा रही है। बैराज से निकली एलजीसी नहर में 7978 व पीएलजीसी नहर में 3854 क्यूसिक पानी छोड़ा जा रहा है । बैराज पर गंगा का जलस्तर लो फ्लड की श्रेणी में बना हुआ है।
अनूपशहर के लाल महादेव घाट के समीप मोहल्ला छपेटी की आबादी से नीचे विद्युत विभाग की 11 हजार की लाइन जा रही है। जोकि गंगा कटाव से केवल चार से पांच फीट पीछे है। यदि कटाव बढ़ता है तो विद्युत पोल नीचे गिर पड़ेंगे जिसकी वजह से करंट आने के कारण कोई भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। इस स्थान पर विद्युत लाइन के नीचे सुरक्षा के मद्देनजर फेंसिंग भी नहीं है। समय रहते यदि विद्युत विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई तो कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है।
व्यापारी नेता मुकेश अग्रवाल ने बताया कि इस संबंध में विद्युत विभाग को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कटाव बढ़ने की स्थिति में 11000 की लाइन के पोल खतरे में आ जाएंगे, जिससे कोई भी बड़ी दुर्घटना घट सकती है। हमारी शासन- प्रशासन से मांग है कि 11000 की लाइन के खंभों को पीछे कराया जाए। इन खंभों की फेंसिंग एवं टैपिंग कराई जाए।
एसडीएम ने नवीन कुमार ने बताया कि गंगा के जलस्तर पर प्रशासन की नजर है। दूसरी ओर ऊर्जा निगम के एसडीएम कपिल भारद्वाज ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। मौके पर जाकर निरीक्षण करने के पश्चात विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अधिशासी अभियंता विद्युत सौरभ कुमार झा ने बताया कि कटाव बढ़ने की स्थिति में विद्युत सप्लाई बंद कर तारों को हटाया जाएगा। साथ ही स्थानीय लोगों को दूसरे ट्रांसफार्मर से विद्युत सप्लाई दी जाएगी।