बुलंदशहर। जुलाई 2021 में एक महिला ने नगर कोतवाली में तैनात होमगार्ड पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। साथ ही बताया था कि वह पांच माह की गर्भवती है। प्रकरण में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, त्वरित न्यायालय कक्ष संख्या तृतीय शिवानंद ने अभियुक्त होमगार्ड सतेंद्र को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने उसे दस वर्ष का कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड सुनाया है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ध्रुव कुमार वर्मा व भूपेंद्र राजपूत ने बताया कि अनूपशहर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता ने 11 जुलाई 2021 को नगर कोतवाली में तहरीर दी। जिसमें उन्होंने बताया था कि उनका विवाह 14 वर्ष पहले कोतवाली देहात क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक के साथ हुआ था। पति से विवाद के चलते वह कई वर्षाें से अपने पिता के यहां रह रही थीं। इसी दौरान पीड़िता की मुलाकात नगर कोतवाली में तैनात होमगार्ड सतेंद्र से हुई।
आरोपी ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह उनका उनके पति से तलाक करा देगा और उनसे शादी करेगा। इसके बाद आरोपी ने उनके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इससे वह गर्भवती हो गईं। उन्होंने जब आरोपी से शादी करने का दबाव बनाया तो उसने इन्कार कर दिया और पीड़िता पर जानलेवा हमला कर घायल कर दिया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया था कि आरोपी ने उसे पहले से नहीं बताया था कि वह शादीशुदा है। इस बात की जानकारी भी पीड़िता को बाद में हुई थी।
मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल की और चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी थी। न्यायालय ने अब दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर आरोपी को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने अर्थदंड में से पांच हजार रुपये पीड़िता को प्रतिकर स्वरूप देने के निर्देश दिए हैं।