सिकंदराबाद के भटपुरा मोड के पास हादसे में कैंटर में फंसी बाइक। संवाद
सिकंदराबाद। नेशनल हाईवे 34 पर भटपुरा मोड़ के पास तेज रफ्तार कैंटर ने बाइक सवार दादा पोती को टक्कर मार दी। हादसे में दादा, पोती की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं चालक कैंटर को मौके छोड़कर फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कैंटर को कब्जे में ले लिया। वह शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। दादा पोती की अचानक मौत की सूचना से परिवार में मातम छा गया।
जानकारी के अनुसार हरि एनक्लेव निवासी खुशी 16 वर्ष पुत्री हितेंद्र कुमार का सिकंदराबाद आईटीआई कॉलेज में दाखिला हुआ था। सोमवार को वह अपने दादा धर्मवीर सिंह 70 वर्ष पुत्र अर्जुन सिंह के साथ बाइक से कॉलेज आ रही थी। नेशनल हाईवे 34 पर भटपरा मोड़ के पास पीछे से आ रहे तेज रफ्तार कैंटर चालक ने बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर लगने के बाद बाइक कैंटर के आगे भाग में फंस गई। कैंटर की रफ्तार इतनी तेज थी कि बाइक के फंसने के बाद भी कैंटर करीब 30 मीटर तक बाइक को खींची ले गई।
इससे गंभीर रूप से घायल दादा पोती की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक कैंटर को मौके पर ही छोड़कर भाग गया। दुर्घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक के पास मिले कागजात के आधार पर शिनाख्त करते हुए परिवार के लोगों को जानकारी दी। वहीं मौके से कैंटर को कब्जे में लेते हुए शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। सीओ पूर्णिमा सिंह ने बताया कि कैंटर को कब्जे में ले लिया है। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया गया। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जाएगी।
बेटी की कामयाबी के लेकर सपने संजो रहे थे परिवार के लोग, आई मौत की खबर
सिकंदराबाद। खुशी का सिकंदराबाद क्षेत्र में नेशनल हाईवे 34 स्थित गांव भटपुरा के आईटीआई स्कूल में प्रवेश हुआ था। सोमवार को उसका कॉलेज का पहला दिन था। इसके चलते वह अपने बाबा के साथ कॉलेज जा रही थी। परिवार के लोगों ने बताया कि खुशी के आईटीआई में प्रवेश के बाद से वह काफी उत्साहित थे। वह खुशी की कामयाबी के सपने संजोने लगे थे। सोमवार की सुबह वह जब कॉलेज जाने के लिए तैयार हो रही थी। मां ने उसकी आरती की और परिवार के अन्य लोगों ने भी उसे सफलता का आशीर्वाद दिया। सभी ने खुशी खुशी उसे कॉलेज के लिए रवाना किया। मगर क्या मालूम था कि खुशी का कॉलेज का पहला दिन उसके जीवन का अंतिम दिन बन जाएगा। खुशी की मौत से जहां परिवार के लोगों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। खुशी की सफलता को लेकर संजोय गए उनके सपने भी टूट गए हैं।