सड़क बनी दलदल, वाहनों के फंसने से बने चार फुट के गहरे गड्ढे
ऊंचागांव। अफसरों की अनदेखी का खामियाजा पांच गांवों के 12 हजार लोगों को रोजाना भुगतना पड़ रहा है। दरअसल, माली मढ़ैया गांव में पानी की निकासी की व्यवस्था न होने की वजह से मुख्य सड़क पर डेढ़-दो फुट तक पानी भरा रहता है। आसपास के पांच गांवों को जोड़ने का यही मुख्य मार्ग है। इसी मार्ग से गंगा में पुल निर्माण की सामग्री लेकर जाने वाले वाहन भी गुजरते हैं। इन वाहनों के फंसने से इस सड़क पर चार फुट से अधिक गहरे गड्ढे बन चुके हैं।
माली की मढै़या गांव से गंदे पानी की निकासी के लिए मांग करने वाले लोगों को अभी तक अधिकारियों से आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला है। पिछले दिनों लोगों ने प्रदर्शन किया तो एसडीएम स्याना ने मौके पर पहुंचकर गांव के बाहर की सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराते हुए ग्राम प्रधान को तालाब की खोदाई कराने के निर्देश दिए थे। पर अभी तक न तो तालाब की खोदाई शुरू हुई है और न ही पानी की निकासी के लिए कोई ठोस कदम उठाया गया। गंगा पर बनाए जाने वाले पुल ने अब लोगों की समस्या को और बढ़ा दिया है। गंगा पुल निर्माण के लिए सामान लेकर जाने वाले भारी वाहन भी इस रास्ते में आकर फंस रहे हैं। इससे रास्ते में जगह-जगह चार फुट से भी अधिक गहरे गड्ढे हो गए हैं। अब ग्रामीणों की बुग्गियों के निकलने का रास्ता भी नहीं बचा।
पांच गांव और सिद्ध बाबा आश्रम घाट जाने में परेशानी
माली घाट, माली मढै़या, चासी, फतेहपुर मढै़या, सिद्धबाबा गंगा घाट व आश्रम जाने के लिए यही मुख्य रास्ता है। इस रास्ते पर जलभराव होने के कारण लोगों को गलियों से होकर गुजरना पड़ रहा है। प्रतिदिन करीब 12 हजार लोग इससे प्रभावित हो रहे हैं। गंगा पुल निर्माण के लिए सामान लेकर आने वाले वाहनों के लिए भी यही एक मात्र रास्ता है। आए दिन कोई न कोई भारी वाहन इस रजवाहे नुमा रास्ते में फंस रहा है।
कोट
समस्या के समाधान के लिए मौके पर गया था। स्थिति को देखते हुए सरकारी जमीन भी कब्जा मुक्त कराई गई थी। इसके बाद ग्राम प्रधान को निर्देश दिए थे कि कब्जा मुक्त जमीन पर तालाब की खोदाई कराई जाए। इससे आगे प्रक्रिया क्यों नहीं बढ़ी, इसके लिए ग्राम प्रधान से बात की जाएगी। जल्द ही समस्या का समाधान कराया जाएगा। - सतीश चंद कुशवाहा, एसडीएम स्याना