वलीपुरा नहर पर गणेश की प्रतिमा के विसर्जन के दौरान लगी भीड़।
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रंग गुलाल के साथ दी गणपति बप्पा को विदाई
बुलंदशहर। दस दिन तक चले गणेश महोत्सव का समापन रविवार को विसर्जन यात्रा के साथ हुआ। अनंत चतुर्दशी पर मंगल बुधादित्व योग में श्रद्धालुओं ने गणपति का नगर की गंग नहर में विधि-विधान से विसर्जन किया। इस दौरान गणपति बप्पा मोरया और देवा ओ देवा जैस भक्ति गीत गूंजते रहे।
10 सितंबर को नगर समेत जिलेभर के श्रद्धालुओं ने विधि विधान से भगवान गणेश की प्रतिमाओं को विराजमान किया और 10 दिन तक घर-घर पूजा-अर्चना का दौर चला। रविवार को अनंत चतुर्दशी पर प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। श्रद्धालुओं ने ढोल नगाड़े के साथ रंग गुलाल उड़ाते हुए बप्पा को विदाई दी। कोई डीसीएम, ईको गाड़ी, कोई बाइक तो कोई पैदल ही गणपति बप्पा की प्रतिमा को थामे विसर्जन के लिए पहुंचा। औरंगाबाद, गुलावठी, लखावटी, चोला, सिकंदराबाद आदि क्षेत्र से श्रद्धालु ढोल और नगाड़े के बीच गणपति का विसर्जन करने के लिए बुलंदशहर गंग नहर पहुंचे।
नगर क्षेत्र में दिन भर लगा रहा जाम
गणेश विसर्जन के लिए मूर्तियां निकलने के कारण नगर के विभिन्न चौराहों से लेकर गंग नहर घाट तक दिनभर जाम जैसे हालात रहे। अधिकतर लोग वाहनों से भगवान गणेश की प्रतिमा लेकर विसर्जन करने के लिए डीएवी फ्लाई ओवर से गंग नहर तक पहुंचे।