ऊंचागांव। थाना नरसेना क्षेत्र के एक गांव स्थित फार्मेसी डिग्री काॅलेज के प्रबंधक पर छात्र के एडमिशन के नाम पर 70 हजार रुपये अधिक लेने और इसके बावजूद एडमिशन न करने का मामला सामने आया है। पीड़ित छात्र के पिता ने न्यायालय के आदेश पर मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
ऊंचागांव पुलिस चौकी क्षेत्र स्थित एकेपी काॅलेज ऑफ फार्मेसी में नगर कोतवाली बुलंदशहर के चांदपुर निवासी मुकेश कुमार ने वर्ष 2020 में अपने पुत्र पुनीत वर्मा का दाखिला डिप्लोमा ऑफ फार्मेसी में कराया था। इसकी फीस दो लाख रुपये बताई गई थी।
काॅलेज प्रबंधक ने दो लाख की जगह 2 लाख 70 हजार रुपये ले लिए, लेकिन उस दौरान कोविड होने के चलते छात्र को काॅलेज नहीं बुलाया गया और उसका दाखिला होने की बात प्रबंधन द्वारा कही गई। कोविड के बाद जब काॅलेज खुले तो छात्र को पढ़ाई के लिए काॅलेज भेजा, लेकिन वहां कुछ और ही बताया गया।
उनके पुत्र से कहा गया कि आपका एडमिशन नहीं हुआ है। काॅलेज में कोई फीस भी जमा नहीं की गई है। फिर से एडमिशन के नाम पर दो लाख रुपये की मांग की गई। छात्र के पिता को तब जाकर ठगी का अहसास हुआ। आरोप है कि पीड़ित पक्ष ने इस संबंध में कई बार थाना पुलिस व एसएसपी से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
इसके बाद पीड़ित ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। उस पत्र पर न्यायालय ने अब मुकदमा दर्ज करने का आदेश नरसेना थाना पुलिस को दिए। इसके बाद पुलिस ने आरोपी कविता रानी, सतपाल, विमला देवी एजूकेशन ट्रस्ट प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।