संवाद न्यूज एजेंसी
डिबाई। चार साल में चार किमी पेयजल लाइन बिछाने का काम पूरा नहीं हो सका है। जिसके चलते लोगों को अभी भी दूषित पेयजल मिल रहा है। इसके अलावा पेयजल लाइन लीकेज के कारण सड़क में भी गड्ढे हो रहे हैं। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही का खामियाजा क्षेत्र के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
नगर क्षेत्र में लोगों को पेयजल सप्लाई के दौरान परेशानी न हो और उन्हें शुद्ध पेयजल मिले इसके लए 15 मई 2020 को 14.77 करोड़ की लागत से 37.44 किमी लंबी पेयजल लाइन बिछाने का काम शुरू किया गया था। योजना के तहत आगरा की फर्म ने काम शुरू किया और शहर की विभिन्न कालोनियों में पेयजल लाइन बिछाई। इसके अलावा शहर में 1300 किलो लीटर की क्षमता वाली पानी की टंकी का भी निर्माण किया और इसके लिए एक ट्यूबवेल भी लगवाई गई, लेकिन इसके बाद काम बंद कर दिया। स्थिति यह है कि सड़क के दोनों ओर करीब चार किमी लंबी मुख्य पाइप लाइन बिछाने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी की ओर से नगर पालिका को 37 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए, लेकिन अधिकारियों ने अभी तक पाइप लाइन बिछाने का काम पूरा नहीं किया है। जिसके चलते लोगों को शुद्ध पेयजल पहुंचाने में अभी भी सफलता नहीं मिल रही है। अधिकारियों के साथ विधायक, नगर पालिका अध्यक्ष, सभासदों ने भी इस काम को न तो पूरा कराने के लिए कदम उठाए हैं और न ही समय पर काम न करने वाली संस्था के खिलाफ कार्रवाई के लिए कोई पत्राचार किया है। जिसके चलते अभी भी जर्जर पाइप लाइन के कारण लोगों को गंदा पानी ही मिल रहा है।
लीकेज के कारण सड़कों में हो रहे गड्ढे
जर्जर पेयजल पाइप लाइन आए दिन लीकेज होती है। जिसके चलते प्रतिदिन न केवल हजारों लीटर पानी की बर्बादी होती है बल्कि लीकेज के कारण सड़कों में भी गड्ढे हो रहे हैं। जिसके चलते कई बार लोग गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं, लेकिन अधिकारी बार-बार खानापूर्ति करते हुए गड्ढे भरवाते हैं, लेकिन जर्जर पाइप लाइन को बदलने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है।
नगर पालिका अध्यक्ष अरुण सिंघल ने कहा कि पेयजल लाइन बिछाने का काम पूरा कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही पेयजल लाइन लगाने का कार्य पूरा करा दिया जाएगा।