देश में जहां हिंदू-मुस्लिमों को बांटने की साजिश चल रही है, वहीं कुछ ऐसे लोग भी हैं जो सांप्रदायिक एकता की मिसाल कायम कर रहे हैं। इन्हीं में से एक हैं गांव हदीमपुर के रहने वाले नितिन। नितिन ने अपने मां-बाप से बिछड़े एक मुस्लिम बच्चे को उसके परिवार से मिला दिया।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम हदीमपुर निवासी नितिन ने बताया कि चार दिन पहले रास्ता भटक कर एक 12 साल का बच्चा उनके गांव पहुंच गया था। बेहद डरा सहमा बच्चा रात में अकेले भटक रहा था। तभी नितिन की नजर उस पर पड़ गई और नितिन उसे अपने साथ ले गए।
बच्चे ने बताया कि वह मुरादाबाद के बछरायू गांव का रहने वाला है। उसके पिता का नाम बदरू है। उसके भाई गाजियाबाद स्थित वैशाली में दुकान करते हैं। भाई ने उसे मुरादाबाद जाने के लिए बस में बैठाया था। वह पानी पीने के लिए नीचे उतरा तभी बस चल दी। इसके बाद वह भटकते हुए हदीमपुर पहुंच गया।
नितिन ने उन्होंने वैशाली में दुकानदाराें से पूछताछ की तो आरिफ नाम के एक व्यक्ति ने बच्चे के गुम होने की बात कही। नितिन के बताए पते पर रविवार को जब आरिफ पहुंचा तो गुलशेर उससे लिपट गया ।
आरिफ ने बताया कि उन्होंने गुलशेर को मुरादाबाद जाने के लिए बस में बैठाया था। रविवार को गुलशेर का चचेरा भाई हदीमपुर पहुंचा । पुलिस की मौजूदगी में गुलशेर को उसके भाई आरिफ के सुपुर्द किया गया।