संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। किसानों को ट्यूबवेल के लिए मुफ्त बिजली के लिए मीटर लगवाना जरूरी होगा। एक अप्रैल 2023 से पहले का बकाया बिल भी जमा करना अनिवार्य होगा। फिलहाल जिले में करीब 16 हजार ट्यूबवेल उपभोक्ता ऐसे हैं, जो बकायेदार हैं। इन उपभोक्ताओं को न्यूनतम 30 फीसदी बकाया बिल का भुगतान करने के बाद मुफ्त बिजली के लिए पंजीकरण कराना होगा।
जिले में 63161 किसानों ने अपने ट्यूबवेल के लिए बिजली कनेक्शन लिया हुआ है। सरकार ने एक अप्रैल 2023 के बाद से किसानों को ट्यूबवेल के लिए फ्री बिजली देने की घोषणा की थी। अब सरकार ने स्पष्ट किया है कि ट्यूबवेलों के लिए फ्री बिजली पाने वाले ग्राहक को यूपीपीसीएल की वेबसाइट पर आवेदन करते हुए ट्यूबवेल पर मीटर लगाने, 31 मार्च 2023 तक के बिल का भुगतान करने, केवाईसी कराने, ट्यूबवेल पर केवल एक एलईडी व पंखा संचालित करने और घरेलू प्रयोग न करने की सहमति देनी होगी। सरकार के इस कदम से ट्यूबवेलों पर मीटर लगाने का विरोध करने वाले किसानों के साथ एक अप्रैल 2023 से पहले बकाया बिल वाले करीब 16 हजार उपभोक्ताओं को फिलहाल योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा। ऊर्जा निगम के अधिकारियों के मुताबिक उपभोक्ताओं को 1045 यूनिट तक की खपत पर बिल नहीं देना होगा। इससे अधिक होने पर सामान्य रीडिंग दरों के मुताबिक ही बिजली का बिल देना होगा।
आसान किस्तों में जमा करना होगा बकाया बिल
ऊर्जा निगम के चीफ इंजीनियर ने बताया कि एक अप्रैल से पहले के ट्यूबवेल बकायेदारों को तीन या छह किस्त में ब्याज और जुर्माना मुक्त बिल जमा करने की सुविधा मिलेगी। फ्री बिजली पाने के लिए बकायेदार किसान को बकाया बिल का न्यूनतम 30 फीसदी बिल जमा कराते हुए पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद तीन या छह किस्त में बकाया बिल का भुगतान करना होगा। यदि पंजीकरण के बाद कोई उपभोक्ता समय पर किस्त जमा नहीं करेगा तो फ्री बिजली की सौगात नहीं दी जाएगी।
नहीं लगने देंगे ट्यूबवेलों पर मीटर
संगठन पहले भी ट्यूबवेलों पर मीटर लगाने का विरोध करता रहा है और आगे भी विरोध करेगा। यदि सरकार ट्यूबवेलों पर मीटर लगाती है तो उन्हें उखाड़ दिया जाएगा। मीटर लगाने के बाद हमें फ्री बिजली नहीं चाहिए। -अरब सिंह, जिलाध्यक्ष, भाकियू टिकैत
ट्यूबवेलों पर मीटर लगाने और रीडिंग निर्धारित करने से जल का अनावश्यक दोहन रुकेगा। औसत किसान सरकार द्वारा निर्धारित रीडिंग में अपने खेतों की सिंचाई पूरी कर लेगा। सरकार का यह कदम स्वागत योग्य है। -मांगेराम त्यागी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भाकियू अराजनैतिक
ऊर्जा निगम के चीफ इंजीनियर एके जायसवाल ने कहा कि किसानों को ट्यूबवेल पर मीटर अवश्य लगवाना होगा, इससे निर्धारित रीडिंग में ही खपत की जानकारी मिल सकेगी। बकायेदारों से अपील है कि योजना का लाभ लेने के लिए अपना बकाया बिल जमा करा दें।