बाढ़ से चौपट होने की कगार पर पहुंची सब्जी की फसल
बुलंदशहर। गंगा किनारे के गांव बाढ़ से घिरे हुए हैं। सोमवार शाम से जलस्तर स्थिर हैं फिर भी सब्जियों की फसल बर्बाद हो चुकी है। किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें बनी हुई हैं। जलस्तर कुछ दिन ऐसे ही बना रहा तो फसल पूरी तरह से चौपट हो जाएगी।
अहार क्षेत्र में गंगा किनारे वन विभाग की हजारों बीघे भूमि और खादर की भूमि को पट्टे में लेकर किसानों ने सब्जी की खेती की हुई है। सब्जी को आजादपुर सब्जी मंडी अथवा ओखला सब्जी मंडी के अलावा देहरादून, काशीपुर, अलीगढ़, जयपुर की मंडियों में बेचकर किसान अच्छा मुनाफा कमाते हैं। इस बार बाढ़ से लौकी, काशीफल, करेला, तोरई, बैगन की फसल लगभग बर्बाद हो चुकी है। अहार के निकट पुराने नावघाट क्षेत्र में करीब दो किलोमीटर वन में जल ही जल नजर आ रहा है। जिससे वन क्षेत्र में खड़े कीमती लकड़ी के पेड़ गिरकर गंगा में समा जाने का खतरा बना हुआ है। अवंतिका देवी मंदिर के पास बनी पपोला महाराज की कुटी के पीछे वन क्षेत्र में भी जल स्तर की वृद्धि हुई है। हसनपुर वांगर गंगा घाट मार्ग के आसपास खेतों में पानी घुस गया है। सिद्ध बाबा गंगा घाट स्थित शिवमंदिर, धर्मशाला के चारों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है। स्याना और अनूपशहर तहसील प्रशासन ने हल्का लेखपालों को जल बढ़ोत्तरी पर तैनात कर दिया है। वन विभाग चौकी प्रभारी चंद्रवीर सिंह ने बताया कि चौकीदारों द्वारा वन क्षेत्र में चौकसी बरती जा रही है।
गंगा बैराज पर 24 घंटे मीडियम फ्लड, जलस्तर में गिरावट के संकेत
नरौरा। सिंचाई विभाग के एसडीओ अंकित सिंह ने बताया कि सोमवार शाम को बैराज पर कुल पानी की आवक 1,69,500 क्यूसेक प्रति सेकंड थी, जो कि मंगलवार दोपहर तक स्थिर बना रहा। बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में एक लाख 54 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। बैराज से निकली एलजीसी नहर में 7858 क्यूसेक व पीएलजीसी नहर में 7627 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। जल स्तर में गिरावट प्रारंभ हो गई है। नरौरा गंगा बैराज पर कुल पानी की आवक एक लाख क्यूसेक होंने पर लो फ्लड प्रारंभ होता है। डेढ़ लाख क्यूसेक से ऊपर जल स्तर पहुंचने पर जलस्तर मीडियम फ्लड और ढाई लाख क्यूसेक पानी की निकासी होने पर डेंजर फ्लड रहता है।
बाढ़ की संभावना को लेकर किसान बरत रहे सावधानी
बुगरासी। कस्बा क्षेत्र में भगवानपुर, बसीबांगर तथा फरीदाबांगर गांव से होकर गंगा निकलती है। लगातार बाढ़ की सूचना के चलते किसान सावधानी भी बरत रहे हैं। कुंवरपाल सिंह, बिजेंद्र सिंह, प्रमोद कुमार, पप्पू सिंह आदि किसानों ने बताया कि क्षेत्र के खेत गंगा से काफी ऊंचाई पर हैं। जलस्तर बढ़ता भी है तो एक साथ फसलों को नुकसान नहीं होगा। बाढ़ की सूचना के चलते सावधानी बरती जा रही है।