लो फ्लड की श्रेणी में गंगा का जलस्तर, प्रशासन अलर्ट
नरौरा/ऊंचागांव। पहाड़ी क्षेत्र में हो रही बारिश के चलते गंगा नदी का जलस्तर लो फ्लड की श्रेणी में बना हुआ है। सिंचाई विभाग के जललेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार को बैराज पर कुल पानी की आवक एक लाख 16 हजार 943 क्यूसेक प्रति सेकेंड हो रही है। बैराज से निकली एलजीसी व पीएलजीसी नहरों में पानी की निकासी के बाद गंगा नदी की डाउन स्ट्रीम में 1,03,832 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है।
ऊंचागांव ब्लॉक क्षेत्र के गंगा किनारे वाले गांव फरीदाबांगर, मांडू हसनगढ़ी, मवई, थाना गजरौला, माली मडैया, फतेहपुर गुर्जर व औरंगाबाद तहारपुर के सैकड़ों किसानों की फसलें गंगा में डूब गई हैं। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। ग्रामीणों की मानें तो माली मडैया स्थित कच्चे गंगा घाट पर लंबाई में करीब 80 बीघे का कटान दो मीटर तक हुआ है। सिटी मजिस्ट्रेट/प्रभारी अधिकारी जगदंबा सिंह नेे बताया कि गंगा किनारे के सभी क्षेत्राें पर प्रशासन निगरानी बनाए हुए है। लोगों से गंगा के किनारों से दूर रहनेे की अपील की जा रही है।
किसान बोले
गंगा का जल स्तर लगातार बढ़ने से किसानों की फसल गंगा अपने साथ बहा ले गई है। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। जिला प्रशासन को नुकसान की भरपाई करनी चाहिए। - नेमपाल सिंह, निवासी थाना गजरौला
हजारों बीघा गन्ना , बाजरा, ज्वार की फसल गंगा में समा गई है। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। यदि जलस्तर और बढ़ा तो पीड़ित किसानों की संख्या हजार के पार हो सकती है। - सुबोध कुमार, निवासी थाना गजरौला
जलस्तर स्थिर है। बैराज से ढाई लाख क्यूसेक पानी की निकासी होने पर जलस्तर खतरे के निशान पर होता है। सिंचाई विभाग नियंत्रण कक्ष से बिजनौर व हरिद्वार बैराज से नदी में छोड़ी जाने वाली जलराशि पर निरंतर नजर रखी जा रही है। - अंकित सिंह, एसडीओ