संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। डिबाई कोतवाली क्षेत्र में 2015 में किशोरी को शादी करने के लिए बहला-फुसलाकर ले जाने के दोषी को अदालत ने पांच साल कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दुष्कर्म और पॉक्सो-4 के आरोप से दोषी को अदालत ने बरी कर दिया है।
विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो महेश राघव और सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि डिबाई थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी ग्रामीण को मजदूरी के लिए बाहर दूसरे राज्य में जाना था। वह डिबाई बस अड्डे पर पहुंचा और सामान लेने के लिए बाजार चला गया। जब वापस आया तो उसकी बेटी नहीं मिली। मामले का मुकदमा 19 अक्तूबर 2015 को डिबाई कोतवाली में दर्ज हुआ। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अदालत में हुई। शनिवार को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) तरुण कुमार सिंह ने दोषी रंजीत को सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने दुष्कर्म और पॉक्सो-4 में दोषी को बरी कर दिया। अर्थदंड जमा न करने पर आठ माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना करना पड़ेगा।