झोपड़ी में लगी आग, पशु पालक और दो पशुओं की मौत
खुर्जा। थाना क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर में सोमवार रात एक झोपड़ी में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। हादसे में झोपड़ी में सो रहे पशु पालक और दो पशुओं की झुलसने से मौत हो गई। ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। अभी आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
खबरा गांव निवासी नानकचंद सोलंकी ने बताया कि मूलरूप से मथुरा निवासी महेंद्र (52) पिछले 25 सालों से खुर्जा के गांव सिकंदरपुर में रह रहा था। महेंद्र गांव के बाहर झोपड़ी में रहता था और परिवार के अन्य सदस्य गांव में रहते हैं। महेंद्र ने अपनी झोपड़ी में ही पांच गाय रखी हुई थीं। वह गाय का दूध बेचकर अपना व परिवार का भरण पोषण करता था। सोमवार रात को भी वह प्रतिदिन की तरह अपनी झोपड़ी में सोया था। वहीं, उसकी पांचों गाय भी बंधी हुई थीं। देर रात अचानक झोपड़ी में आग लग गई। आग ने कुछ ही देर में विकराल रुप धारण कर लिया। जब तक महेंद्र कुछ समझ पाता, तब तक वह बुरी तरह से झुलस चुका था। आग लगने की सूचना मिलते ही अन्य ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए और बाल्टी व अन्य संसाधनों से आग बुझाने लगे। तब तक महेंद्र और दो गायों की मौत हो चुकी थी। जबकि, तीन गायें गंभीर रुप से झुलस गई थीं। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद तीन गायों को बाहर निकाला। एक गाय को पशु अस्पताल भेजा गया। सूचना मिलने पर मंगलवार सुबह एसपी देहात बजरंग बली चौरसिया, तहसीलदार श्यौतार सिंह, लेखपाल रामप्रसाद समेत प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर निरीक्षण किया।
नहीं पहुंची फायर ब्रिगेड
ग्रामीणों का आरोप है कि आग लगने की सूचना पुलिस को दी गई थी, लेकिन घटना के एक घंटे तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा और न ही अग्निशमन की गाड़ी मौके पर पहुंच सकी। यदि, दमकल की गाड़ी समय रहते मौके पर पहुंच जाती तो शायद मजदूर और पशुओं की जान बच जाती।
गांव में महेंद्र का हो चुका था विवाद
वहीं, आग लगने से महेंद्र की मौत के बाद गांव में तरह तरह की चर्चाएं भी हो रही हैं। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पूर्व महेंद्र का गांव निवासी एक व्यक्ति से भी विवाद हुआ था। वहीं, कुछ लोग महेंद्र को गांव से निकालने की भी कोशिश कर रहे थे। हालांकि, मामले में अभी तक कोई तहरीर नहीं दी गई है।
आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। मृतक के परिवार को आर्थिक मदद दिलाए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। यदि कोई तहरीर मिलती है तो रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल की जाएगी। - लवी त्रिपाठी, एसडीएम खुर्जा