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गांव सेमली में सौ से ज्यादा बुखार की चपेट में

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सेमली गांव में घर पर ड्रिप लगवाती बीमार महिला। - फोटो : BULANDSHAHR
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गांव सेमली में सौ से ज्यादा बुखार की चपेट में
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बुलंदशहर/औरंगाबाद। मौसम में बदलाव और गांव में गंदगी के कारण घर-घर लोग बीमार पड़े हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चार तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 13 किमी दूर होने के कारण लोगों को मजबूरन अपंजीकृत चिकित्सकों से इलाज करवाना पड़ रहा है। गांव के करीब 15 लोगों का मेरठ में डेंगू का उपचार चल रहा है। साथ ही 100 से अधिक लोग गांव में ही ड्रिप लगवाकर उपचार करवा रहे हैं।
सदर तहसील क्षेत्र के गांव सेमली में घर-घर वायरल, मलेरिया, टाइफाइड और डेंगू समेत मौसमी बीमारी से पीड़ित लोगों की खाट बिछी हुई है। मंगलवार को अमर उजाला की टीम गांव पहुंची तो लोगों ने बीमारी से बचाव के लिए गांव में ही सरकारी चिकित्सालय खुलवाने की मांग की। ग्रामीणों ने सितंबर माह में 38 लोगों के डेंगू से पीड़ित होने की बात कही।
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बोले ग्रामीण
घर में वायरल बुखार से सदस्य पीड़ित हैं। किसी प्रकार इलाज करवा रहे हैं। चार किमी दूर प्राथमिक चिकित्सालय जाते हैं तो वहां पर चिकित्सक न मिलने पर बैरंग लौटना पड़ता है। - नानक चंद
गांव में घर-घर लोगों के बीमार रहने पर भी अब तक मात्र दो दिन स्वास्थ्य अफसरों द्वारा शिविर लगाया गया। निजी अस्पताल से तीन बार शिविर लगाकर जांच की जा चुकी है। - हरीश लोधी
गांव से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करीब 13 से 14 किमी दूर है। नजदीक के सरकारी चिकित्सालय पर विशेषज्ञों चिकित्सक नहीं हैं। इसके चलते इलाज में काफी परेशानी हो रही है। - नीरज कुमार
गांव के अधिकांश लोग मेरठ में उपचार करा रहे हैं। मेरठ में 30 से अधिक लोगों में डेंगू की पुष्टि की जा चुकी है। साथ ही मलेरिया और टाइफाइड के मरीज भी हैं। - रूप सिंह
एक माह से गांव में घर-घर लोग बीमार हैं। कुछ लोगों का मेरठ में उपचार चल रहा है। निजी अस्पतालों के सहयोग से तीन शिविर आयोजित करवाए जा चुके हैं। एंटी लार्वा का छिड़काव नहीं हुआ है। कीटनाशक दवा का छिड़काव कराया जा चुका है। सफाई भी कराई जाती है। - बबीता देवी, प्रधान
गांव में डेंगू और बुखार के मरीजों के होने की जानकारी नहीं है। कुछ दिन पूर्व गांव में शिविर लगाकर जांच करवाई जा चुकी है। एहतियातन गांव में दोबारा शिविर लगवाकर जांच करवा दी जाएगी। डेंगू का केस होने पर समुचित इलाज करवाया जाएगा। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
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आठ दिन में गंभीर रूप ले सकता है बुखार
बुलंदशहर। जिला अस्पताल की ओपीडी में मंगलवार को 1504 लोगों ने उपचार कराया। इसमें 383 लोग वायरल बुखार के शामिल रहे। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि बुखार होने के पहले आठ दिन बेहद खतरनाक होते हैं। लापरवाही बरतने पर जटिल लक्षण सामने आ सकते हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 10 से अधिक केस देरी वाले आ रहे हैं।
बुखार के गंभीर लक्षण
- हाथ-पैर का ठंडा होना, बुखार के साथ पेशाब पीला आना।
- बुखार उतरने के बाद पेट में दर्द और उल्टी का बने रहना।
- लीवर का साइज बढ़ना और सांस लेने में तकलीफ होना।
- हाथ- पैर में सूजन और शरीर पर लाल दाने होना।
- पेट का फूल जाना और अधिक बेचैनी होना।
बचाव के उपाय
- घर के आसपास गंदा पानी जमा न होने दें।
- नालियों में मिट्टी के तेल का छिड़काव करें।
- कूलर और बर्तन में रखें पानी को बदलते रहें।
- ठंडे पेय पदार्थों और बासी भोजन से बचें।
- मौसम के अनुसार कपड़े पहनें, मच्छरदानी का प्रयोग करें।
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