खुर्जा। घर में घुसकर 55 वर्षीय नेत्रपाल की गोली मारकर हत्या करने वाले बाप-बेटे को कोर्ट ने दोषी ठहराया है। साथ ही दोषियों को आजीवन कारावास की सजा और 30-30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
कालिंदी कुंज कॉलोनी निवासी विपिन ने बिजली घर नंबर चार के पीछे स्थित काॅलोनी में रहने वाली युवती से सितंबर 2020 में प्रेम विवाह किया था। इस बात से युवती पक्ष के लोग नाराज थे। दोनों परिवार के बीच पंचायत हुई और युवक- युवती को शादी करने के बाद एक साथ रहने की अनुमति दे दी गई। इस बात पर युवती के पिता दामोदर और भाई आकाश खुश नहीं थे। जिसके चलते 21 अक्टूबर 2020 को दामोदर अपने बेटे आकाश के साथ लाइसेंसी पिस्टल लेकर विपिन के घर पहुंचा। आरोप है कि आरोपियों ने घर पहुंचकर गाली गलौज करते हुए दरवाजा खटखटाया।
शोर सुनकर विपिन के पिता नेत्रपाल ने दरवाजा खोला। इसी दौरान दामोदर ने लाइसेंसी पिस्टल से गोली चला दी। जिसमें नेत्रपाल को चार गोली लगी। जबकि विपिन और उनकी मां भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वारदात के बाद विपिन की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी ससुर दामोदर, साले आकाश, ससुर के भाई रामेश्वर और रणवीर सिंह के खिलाफ हत्या और जानलेवा हमले की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस की जांच में रामेश्वर और रणवीर सिंह का नाम विवेचना के दौरान शामिल होना नहीं पाया। अब अपर सत्र न्यायाधीश दिलीप कुमार सचान ने आरोपी आकाश एवं दामोदर को हत्या के आरोप में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 30-30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
घटना के बाद घर छोड़कर चला गया पीड़ित
बताया कि वादी विपिन घटना के बाद काफी भयभीत हो गया था। उसने युवती को उसके घर वापस भेज दिया। इसके बाद अपनी मां के साथ खुर्जा छोड़कर चला गया। न्यायालय में सुनवाई के दौरान उसने अपने पते की जानकारी सार्वजनिक करने से भी इन्कार कर दिया था। उन्होंने आरोपियों से अपनी जान का खतरा बताया था।
गैस गोदाम चलाता था आरोपी दामोदर
आरोपी दामोदर एक नामी गैस एजेंसी पर मैनेजर था। इसी के आधार पर था उसके पास लाइसेंसी पिस्टल थी। वहीं उसके भाई भी सरकारी विभागों में कार्यरत थे। प्रेम विवाह के बाद सामाजिक अपमान का डर आरोपियों को सताने लगा, जिसके चलते आरोपियों ने वारदात की।