संवाद न्यूज एजेंसी
खुर्जा। कोतवाली क्षेत्र पुलिस ने सेंट्रल बैंक से लाखों की धोखाधड़ी करने वाले वांछित पिता-पुत्र को चार साल बाद राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। शासन की ओर से आरोपियों पर पांच-पांच हजार रुपये का इनाम घोषित था। मामले में बृहस्पतिवार को पुलिस ने घटना व गिरफ्तारी का खुलासा किया।
सीओ वरुण कुमार सिंह ने बताया कि 25 मई 2019 को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया खुर्जा शाखा की प्रबंधक कल्पना गुप्ता ने कोतवाली में शिकायत देकर मुरारी नगर निवासी हरीश कुमार, उसके पिता चंद्रहाश मीना, माता रमा और भाई नवीश के खिलाफ फर्जी प्रमाण पत्र से धोखाधड़ी करने का मुकदमा दर्ज कराया था। उनका कहना था कि आरोपियों ने बैंक में अपनी फर्म मैसर्स हरीश मोटर्स पर व्यवसाय ऋण के लिए आवेदन किया था। इसमें हरीश ने अपनी फर्म के दस्तावेज लगाए थे और 25 लाख रुपये ऋण ले लिया।
जांच में पता चला कि यह फर्म बैंक ऋण के कारण पूर्व में ही यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के कब्जे में थी। इससे बचने के लिए सेंट्रल बैंक में आवेदन करने से पहले ही फर्म का बैनामा पिता चंद्रहाश मीना ने बेटे हरीश ने नाम कर दिया था। इसके बाद बैंक ने दिए गए ऋण और ब्याज के लिए नोटिस भेजा तो आरोपी ने कोई जवाब नहीं दिया और रुपये भी नहीं लौटाए। इसके बाद बैंक की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया।
राजस्थान में छिपकर रह रहे थे
पुलिस निरीक्षक मनोज त्यागी ने बताया कि आरोपी बाप बेटे घटना के बाद से वांछित चल रहे थे। उनकी कुंडली खंगाली गई और संपर्क के सभी फोन ट्रेस किए गए। आरोपियों को बुधवार को राजस्थान के जिला गंगापुर सिटी के मेहंदीपुर कस्बा से गिरफ्तार किया। आरोपी वहां किराये के मकान में रह रहे थे। पूर्व में हरीश एक स्थानीय अखबार का पत्रकार भी था।