कुकिंग गैस के बाद अब खाद (फर्टिलाइजर) की सब्सिडी भी किसानों के अकाउंट में आएगी। इससे जिले में खाद की कालाबाजारी तो रुकेगी ही खाद वितरण सिस्टम में भी पारदर्शिता आएगी। इस संबंध में शासन ने आदेश जारी कर दिया है।
किसानों के अकाउंट से आधार लिंक करने का काम जल्द शुरू हो जाएगा। किसानों के हाथ के अंगूठे का नमूना लेने के लिए सहकारी समितियों पर पीओएससी मशीनें भी लगाई जाएंगी। प्रभारी डीडी कृषि डॉ. घनश्याम वर्मा ने बताया कि डीबीटी योजना के तहत सहकारी समितियों पर पीओएससी मशीनें के जरिए किसानों को खाद का वितरण किया जाएगा।
मशीन पर किसानों को बाकायदा अंगुठे का नमूना देने पर जांच के बाद अकाउंट में सब्सिडी ट्रांसफर की जाएगी। इस संबंध में समितियों के कर्मचारियों को पीओएससी मशीन संचालन की ट्रेनिंग दी जाएगी।
इस योजना से जिले के चार लाख किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। सब्सिडी की आड़ में कई बार कालाबजारी सामने आ चुकी है। नई व्यवस्था के अमल में आने से खाद की सब्सिडी सही किसान के हाथ में पहुंचेगी।
संबंधित आदेश मिल गया है। जल्द ही कर्मचारियों को ट्रेनिंग देने का काम शुरू होगा। किसानों के आधार नंबर भी जुटाए जाएंगे। योजना से करीब चार लाख किसानों को लाभ मिलेगा। - डाॅ. घनश्याम वर्मा, प्रभारी डीडी, कृषि