भाजपा-गठबंधन समेत तीन प्रत्याशियों ने किया नामांकन
बुलंदशहर। विधान परिषद चुनाव की नामांकन प्रक्रिया सोमवार को समाप्त हो गई। अंतिम दिन भाजपा और गठबंधन प्रत्याशी समेत कुल तीन प्रत्याशियों ने नामांकन किया। अब चार प्रत्याशी मैदान में हैं। 24 मार्च को नाम वापसी के बाद ही मैदान में डटने वाले प्रत्याशी की संख्या स्पष्ट होगी। विपक्ष के प्रत्याशी के नामांकन के दौरान भाजपा और विपक्ष के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर कहासुनी हुई। पुलिसकर्मियों के हस्तक्षेप के बाद दोनों दलों के कार्यकर्ता शांत हुए।
सोमवार को एमएलसी चुनाव के लिए अंतिम दिन भाजपा के नरेंद्र भाटी, रालोद की सुनीता शर्मा और राष्ट्रीय पंचायती राज संगठन के दानवीर सिंह लोधी ने नामांकन किया। भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र भाटी करीब 12 बजे काफिले के साथ नामांकन करने पहुंचे। उनके साथ जिलाध्यक्ष अनिल शिशौदिया, सदर विधायक प्रदीप चौधरी, सिकंदराबाद विधायक लक्ष्मीराज और खुर्जा विधायक मीनाक्षी सिंह मौजूद रहीं। इसके बाद दोपहर करीब एक बजे दानवीर सिंह लोधी ने नामांकन किया। जबकि करीब ढाई बजे रालोद प्रत्याशी सुनीता शर्मा नामांकन करने के लिए पहुंचीं। उनके साथ रालोद जिलाध्यक्ष अरुण चौधरी, सपा जिलाध्यक्ष राहुल यादव, शुजात आलम, अन्नू चौधरी, सुनील चरौरा, गीता चरौरा समेत अन्य नेता भी शामिल थे। एक उम्मीदवार जगमाल सिंह मावई ने अपना नामांकन पत्र पूर्व में ही दाखिल कर दिया था।
नौ अप्रैल को 2965 मतदाता करेंगे मतदान
विधान परिषद चुनाव के लिए 24 मार्च को नाम वापसी के बाद नौ अप्रैल को मतदान कराया जाएगा। इसके लिए जिले में जिला पंचायत कार्यालय समेत कुल 18 और गौतमबुद्धनगर में चार मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर 1315 बीडीसी, 946 ग्राम प्रधान, 338 सभासद, 51 जिपं सदस्य, 17 नगर पालिका व पंचायत के अध्यक्ष, सात विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, एक सांसद, दो शिक्षक एवं स्नातक एमएलसी अपने मत का प्रयोग करेंगे।
विपक्ष ने लगाया नामांकन के लिए जाने पर रोकने का आरोप
गठबंधन प्रत्याशी जब नामांकन करने पहुंची तो वहां पर मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं से उनकी नोकझोंक हो गई। सपा जिलाध्यक्ष राहुल यादव और रालोद निवर्तमान जिलाध्यक्ष अरुण चौधरी का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ता नियमों को ताक पर रखकर नामांकन स्थल पर रुके हुए थे। इस दौरान आरोपियों ने उन्हें नामांकन करने से रोकने का प्रयास किया। हालांकि वह नामांकन करने पहुंच गए। इसके बाद प्रत्याशी के प्रस्तावक सुनील चरौरा भी मौके पर पहुंचे तो उन्हें भी अंदर जाने से रोका गया। शुजात आलम ने आरोप लगाया कि नामांकन के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष और सिकंदराबाद के नवनिर्वाचित विधायक नामांकन कक्ष में घुसने का प्रयास करने लगे। जब इसका विरोध किया तो उन्होंने जबरन अंदर जाने की कोशिश की। इस दौरान नामांकन कक्ष के बाहर जमकर हंगामा किया। बाद में मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति संभाली और दोनों पक्षों को बाहर निकाला। सपा के वरिष्ठ नेता शुजात आलम ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता विपक्ष का नामांकन निरस्त करने की साजिश रच रहे हैं।
कुल चार प्रत्याशियों ने नामांकन किया है। सभी नामांकन पत्र निष्पक्षता से जमा कराए गए हैं। नामांकन पत्रों की जांच के बाद 24 मार्च को नाम वापसी का समय निर्धारित है। निष्पक्षता से पत्रों की जांच प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। - डॉ. प्रशांत कुमार, एडीएम प्रशासन व उप जिला निर्वाचन अधिकारी