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कॉर्डियोलॉजी, आर्थोपेडिक समेत जिला अस्पताल में है 12 चिकित्सकों की कमी

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कॉर्डियोलॉजी, आर्थोपेडिक समेत जिला अस्पताल में है 12 चिकित्सकों की कमी
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बुलंदशहर। आपको दिल की बीमारी है तो जिला अस्पताल मत आना, यहां पांच साल से कॉर्डियोलॉजिस्ट नहीं है। अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं होने पर मरीजों को महंगा इलाज कराना पड़ रहा है। जो इलाज सरकारी अस्पताल में निशुल्क होगा, उस उपचार के लिए एक लाख से ढाई लाख रुपये तक निजी अस्पताल को देने पड़ रहे हैं। अस्पताल में आर्थोपेडिक समेत 12 चिकित्सकों की कमी से मरीजों को परेशानी हो रही है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में हृदय रोगी लगातार पहुंच रहे हैं। फिजीशियन भी ओपीडी के टाइम में मिलते हैं। ऐसे में इलाज के नाम पर केवल खानापूर्ति होती है। मरीज को मेरठ जाने की सलाह दी जाती है या प्राइवेट हृदय रोग विशेषज्ञ का पता बता दिया जाता है। जो लोग प्राइवेट में इलाज नहीं करा सकते उन मरीजों की इलाज के अभाव में बीमारी बढ़ती रहती है। कार्डियोलाजिस्ट के न होने का खामियाजा कई मरीजों को अपनी जान गंवाकर भी चुकाना पड़ रहा है। कई बार हार्ट अटैक के मरीज को भी परिवार के लोग जिला अस्पताल लेकर आ जाते हैं। उन्हें आने पर पता चलता है कि कार्डियोलाजिस्ट नहीं है। इसके बाद रेफर का पर्चा बनने, एंबुलेंस बुलाने में वक्त लग जाता है। इसके बाद उसे मेरठ तक की दूरी तय करनी पड़ती है। इसी तरह आर्थोपेडिक सर्जन के दो पद स्वीकृत हैं, लेकिन तैनाती एक की ही है। उनके अवकाश पर रहने पर हड्डी रोग के मरीजों को भी इलाज नहीं मिल पाता है।
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निजी अस्पताल में खर्च होते हैं एक से ढाई लाख रुपये
जिला अस्पताल में सभी रोगों का इलाज निशुल्क होता है। हार्ट अटैक के मामले में निजी अस्पताल में पहुंचने पर एक लाख से लेकर ढाई लाख रुपये तक खर्च हो जाते हैं। प्राइवेट में भी हृदय रोग से संबंधित चुनिंदा चिकित्सक हैं और महंगा इलाज होने के कारण अधिकतर मरीजों के परिजन जिले से बाहर ही ले जाकर उपचार करवाना उचित समझते हैं।
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जिला अस्पताल में चिकित्सकों की स्थिति
पदनाम स्वीकृत - रिक्त पद
कार्डियोलॉजिस्ट - 01 - 01
पैथोलॉजिस्ट - 02 - 01
सर्जन - 02 - 01
बाल रोग विशेष - 02 - 01
रेडियोलॉजिस्ट - 02 - 01
आर्थोपेडिक सर्जन - 02 - 01
ईएमओ - 04 - 04
अधीक्षक/प्रभारी भंडार - 01 - 00
फिजीशियन - 02 - 01
चीफ फार्मेसिस्ट - 04 - 01
निश्चेतक - 02 - 00
ईएनटी सर्जन - 01 - 00
डेंटल सर्जन - 01 - 00
नेत्र सर्जन - 02 - 00
चर्म रोग विशेषज्ञ - 01 - 00
चेस्ट फिजिशियन - 01 - 00
कोट
कार्डियोलाजिस्ट समेत सभी रिक्त पदों की तैनाती शासन स्तर से होगी। इसके लिए कई बार शासन को पत्र लिखा जा चुका है। अब एक बार और शासन व विभाग को पत्र लिखकर रिक्त पदों पर तैनाती की मांग की जाएगी। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ।
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