राजस्थान के राज्यपाल और पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह और उनके बेटे राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया के कभी करीबी रहे हरीश लोधी को सपा ने डिबाई से अपना प्रत्याशी घोषित किया है। वहीं, लोकसभा चुनाव के बाद सुनीता चौहान का टिकट विधानसभा चुनाव से पहले ही कट गया है। टिकट कटने के पीछे उनकी निष्क्रियता को बड़ी वजह बताया जा रहा है।
समाजवादी पार्टी ने जिले की दो सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित किए हैं। इसमें डिबाई से अभी हाल ही में पार्टी में आए हरीश लोधी को उम्मीदवार बनाया गया है तो खुर्जा से सुनीता चौहान का टिकट काटकर रविंद्र वाल्मीकि को प्रत्याशी बनाया गया है। जिले की सिकंदराबाद, बुलंदशहर, अनूपशहर सीट से सपा पहले ही प्रत्याशी घोषित कर चुकी है।
हरीश लोधी की गिनती राजू भैया के करीबी समर्थकों में होती थी। हरीश लोधी ने पिछले साल डिबाई में बड़ा कार्यकर्ता सम्मेलन कराया था, जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर राजू भैया शामिल हुए थे। इस वर्ष बुलंदशहर में अवंतीबाई लोधी जयंती के मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह और सांसद राजू भैया द्वारा संजू का अनौपचारिक रूप से राजतिलक किया गया था।
अपना पत्ता कटता देखकर हरीश लोधी सपा में शामिल हो गए थे। हरीश लोधी पिछले पांच वर्षों से क्षेत्र में सक्रिय हैं। सपा ने उन्हें पार्टी का प्रत्याशी बनाया है। वह लोध वोट बैंक में सेंध लगा सकते हैं। बता दें कि वर्ष 2007 में गुड्डू पंडित ने बसपा के टिकट पर और वर्ष 2012 में सपा के टिकट पर राजू भैया को इस सीट से चुनाव हराया था।
इसके अलावा खुर्जा विधानसभा सुरक्षित सीट से सुनीता चौहान का टिकट काटकर रविंद्र वाल्मीकि को प्रत्याशी बनाया गया है। बता दें कि, सुनीता चौहान पर विधानसभा क्षेत्र में न रहने के आरोप लगते रहे हैं। इससे पहले वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में सुनीता चौहान को सपा ने बुलंदशहर लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था, लेकिन बाद में उनका टिकट काटकर कमलेश वाल्मीकि को प्रत्याशी बनाया था।