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Bulandshahar News: प्रतिबंध के बाद भी रातभर चली आतिशबाजी, ढाई गुना बढ़ा प्रदूषण

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बुलंदशहर। दिवाली पर जिलेभर में आतिशबाजी की बिक्री व छोड़ने पर पाबंदी और अपीलों का लोगों पर कोई खास असर नहीं दिखा। दिवाली पर जगह-जगह आतिशबाजी की बिक्री होने पर शाम से रातभर आतिशबाजी चली। इससे वायु प्रदूषण के साथ ध्वनि प्रदूषण भी बढ़ गया। दिवाली के दिन एक्यूआई 134 रहा। रातभर आतिशबाजी के बाद सोमवार को एक्यूआई 318 पर पहुंच गया।
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रोक के बावजूद जिलेभर में आतिशबाजी की खूब बिक्री हुई। वहीं, आतिशबाजी न छोड़ने की अपील का भी लोगों पर कोई असर नहीं पड़ा। आतिशबाजी छोड़े जाने से शहर की आबोहवा खराब हो गई। ऐसे में शहर का वायु प्रदूषण बेहद घातक स्थिति में पहुंच गया। साथ ही आवासीय क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण 70 से 80 डेसीबल तक मापा गया। हालांकि इस बार पिछले पांच साल की दिवाली की अपेक्षा प्रदूषण का स्तर कुछ कम रहा। बीते साल 331 तो साल 2021 में 444 एक्यूआई मापा गया। देर रात तक आतिशबाजी छोड़े जाने के कारण शहर की हवा में घुलनशील हानिकारक तत्वों की मात्रा में भी इजाफा हो गया और बुलंदशहर देश के सबसे प्रदूषित 245 शहरों में 30वें नंबर पर रहा।
बच्चों की आड़ में बेची आतिशबाजी
जिले में आतिशबाजी की बिक्री पर दिवाली से काफी समय पूर्व प्रतिबंध लगाया गया था। जबकि आतिशबाजी की बिक्री के लिए काफी संख्या में व्यापारी आसपास के जनपदों से आतिशबाजी को खरीदकर लाए थे। खुले में दुकानें कम लगने पर लोगों ने दुकानों पर बच्चों की आतिशबाजी रखी और ग्राहक के आने पर बड़ों की आतिशबाजी होने की बात कहकर खूब बेची। यह सिलसिला बुलंदशहर, औरंगाबाद, स्याना, खानपुर, ऊंचागांव, जहांगीराबाद, शिकारपुर, खुर्जा, सिकंदराबाद, गुलावठी समेत अन्य जगह पर रहा। वहीं, लोगों ने आतिशबाजी खरीदने के लिए आसपास के जनपदों का रुख किया और आतिशबाजी खरीदकर दिवाली मनाई। वहीं, पुलिस भी दिनभर गश्त करती रही, लेकिन कहीं भी आतिशबाजी बिकती नजर नहीं आई। हालांकि कुछ स्थानों पर पुलिस ने आतिशबाजी बेच रहे लोगों को हिरासत में लिया, लेकिन सांठगांठ होने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
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अभी भी जलाया जा रहा कूड़ा

नगर समेत जिलेभर में अभी भी खुलेआम कूड़ा जलाया जा रहा है। सोमवार को गांव इमलिया, स्याना रोड, कुदैना, नगर के ईदगाह रोड समेत अन्य स्थानों पर कूड़ा जलाया गया। इससे काफी देर तक धुंआ उठता रहा। वहीं, इन मार्गों से दिनभर प्रशासनिक अफसर भी गुजरते रहे, लेकिन किसी ने भी कूड़ा जलाने के बारे में कोई कार्रवाई नहीं की।

कब अच्छा रहता है एक्यूआई

विभागीय अफसरों के अनुसार वायु गुणवत्ता सूचकांक 0 से 50 सबसे अच्छा माना जाता है। 50 से 100 में रोगियों को परेशान करने वाली हवाएं निकलती हैं। जबकि 100 से 150 एक्यूआई स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है। इसके बाद 150 से 300 एक्यूआई तक गंभीर तथा 300 से अधिक एक्यूआई खतरनाक श्रेणी में माना जाता है।

छह वर्ष का एक्यूआई

वर्ष              एक्यूआई

2018    -      418

2019    -      320

2020      -    427

2021      -    444

2022      -    331

2023 - 318
दिवाली पर लोगों से आतिशबाजी न छोड़ने को लेकर अपील की गई। इसका असर भी देखने को मिला है। इस बार बुलंदशहर का एक्यूआई पिछले पांच वर्षों से कम रहा है। वायु प्रदूषण रोकने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। - सपना श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी
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