डेंगू ने तोड़ा चार साल का रिकॉर्ड
बुलंदशहर। डेंगू ने पिछले चार साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बीते वर्ष डेंगू के मामले शून्य रहे तो इस बार अब तक 93 केस सामने आ चुके हैं। जिसमें तीन लोगों की मौत हो चुकी है। डेंगू के लक्षणों वाले मरीज दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। अब तक एनएस-1 किट से 1097 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है। एलाइजा जांच के लिए इनके सैंपल भेजे गए हैं।
वर्ष 2018 में डेंगू के 24 केस सामने आए थे, इसके बाद वर्ष 2019 में 12 केस की पुष्टि की गई। पिछले वर्ष कोरोना संक्रमण के कारण लगातार सैनिटाइजेशन होने और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान रखने के कारण डेंगू के मामले शून्य रहे। इस बार समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाने के बावजूद डेंगू के केस लगातार बढ़ रहे हैं। अब तक 35,635 लोगों की जांच की जा चुकी है। इसमें 6396 लोगों का एनएस-1 किट से सैंपल लेकर जांच की गई। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में जांच के दौरान छह लोगों की एनएस-1 से रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
गत चार वर्षों के आंकड़े
वर्ष डेंगू केस
2018 24
2019 12
2020 00
2021 93
जिले में डेंगू पर एक नजर
कुल केस - 93
आईजीएम किट से पॉजिटिव - 04
एनएस-1 के कुल टेस्ट - 6,396
शिविर में मिले एनएस-1 से पॉजिटिव - 168
जिला अस्पताल में मिले एनएस-1 से पॉजिटिव - 545
अन्य शहरों में मिले एनएस-1 से पॉजिटिव - 116
सीएचसी/पीएचसी पर मिले एनएस-1 से पॉजिटिव - 204
निजी लैब पर मिले एनएस-1 से पॉजिटिव - 54
कुल संदिग्ध केस - 1097
डेंगू के लक्षण
डेंगू का मुख्य लक्षण रोगी को बुखार आने के साथ थकान महसूस होना है। साथ ही बुखार के चलते शरीर में सूजन आ जाती है। अगर डेंगू ने गंभीर रूप ले लिया हो तो बार-बार उल्टी आना, सांस तेज चलना, पेट में दर्द रहना, मसूड़ों से खून निकलना, कमजोरी और उल्टी में खून निकलना आदि शामिल है।
बचाव के लिए करें ये उपाय
- शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें और आसपास जलभराव न होने दें।
- सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- अपने डस्टबिन को नियमित साफ करें और ढंककर रखें।
- कूलर व पानी की टंकी सप्ताह में एक बार खाली करके उसे सुखाकर दोबारा प्रयोग करें।
यह न करें
अप्रिशिक्षित यानी झोलाछाप के चक्कर में पड़कर धन और समय बर्बाद न करें। मेडिकल स्टोर से दवा खरीदकर न खाएं। बुखार में बहुत अधिक घबराहट होने पर लापरवाही न करें। तत्काल सरकारी चिकित्सालय या पंजीकृत चिकित्सक के परामर्श पर ही दवा लें।
डेंगू के पिछले चार वर्षों के मुकाबले इस बार केस अधिक सामने आए हैं। लगातार शिविर लगाकर लोगों की जांच की जा रही है। एंटी लार्वा का छिड़काव कराने के साथ लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। इस वर्ष अभी तक 93 लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। जबकि 1087 लोग डेंगू संदिग्ध मिल चुके हैं। - डॉ. रमित कुमार, जिला मलेरिया अधिकारी