बाजार से लौट रहे युवक की गोली मारकर हत्या करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार प्रथम ने मामा-भांजे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उन पर अर्थदंड भी लगाया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजेश कुमार गुप्ता के मुताबिक 20 मार्च 2013 को सिकंदराबाद में अपने पिता बलराम सिंह और जीजा सुधीर के साथ बाजार से लौटते वक्त प्रवीण उर्फ कलुआ की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी।
पुलिस ने मृतक के पिता बलराम सिंह की तहरीर पर हत्या का मामला दर्ज कर पुलिस ने सोनू पुत्र जगत सिंह और उसके भांजे आकाश को गिरफ्तार कर लिया था। मामला अदालत में पहुंचने पर आरोपियों से बरामद किए गए हथियार और मौके से मिले कारतूस के खोल की आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला में जांच भी करवाई गई।
कोर्ट में न्यायाधीश से गवाहों की गवाही और वकीलों की जिरह सुनने के बाद सोनू और आकाश को दोषी ठहराते हुए उन्हें आजीवन कारावास के साथ उन पर अर्थदंड भी लगाया है। अदालत ने साक्षी-वादी बलराम सिंह द्वारा गलत बयान देने पर उसके खिलाफ भी अदालत ने धारा 344 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई के आदेश दिए।