बुलंदशहर (ब्यूरो)। हत्या के प्रयास में सात साल की सजा काट चुके एक युवक ने बेसिक शिक्षा विभाग में अध्यापक की नौकरी हासिल कर ली। इस फर्जीवाड़े का खुलासा तहसील दिवस में आई शिकायत से हुआ। मामले में प्रशासन ने बीएसए से सात दिन में रिपोर्ट मांगी है।
थाना डिबाई क्षेत्र के गांव कर्णवास निवासी रामचंद्र सिंह ने पांच जुलाई को शिकारपुर तहसील में संपन्न हुए मंगल दिवस में शिकायत दी कि पांच नवंबर 1995 में कर्णवास निवासी एक युवक ने परिजनों के साथ मिलकर उसके पुत्र राकेश, पुत्री बॉबी और पत्नी मिथलेश पर चाकुओं से हमला कर हत्या करने का प्रयास किया था।
इस युवक सहित उसके पिता और दो भाइयों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज हुई थी। अदालत ने 18 अगस्त 2000 को चारों पर आरोप सिद्ध होने पर सात-सात साल की सजा सुनाई थी।
रामचंद्र का आरोप है कि सात साल की सजा काटने वाले युवक ने 2009 में बेसिक शिक्षा विभाग को धोखा देकर और साक्ष्य छुपाकर सहायक अध्यापक की नौकरी पा ली। यदि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा उसका चरित्र का वेरीफिकेशन थाना डिबाई से कराया जाता तो वह कामयाब नहीं होता।