मेरठ से लूटे गए ट्रक की बरामदगी और लुटेरों की गिरफ्तारी का गुडवर्क कुछ घंटे बाद ही पुलिस के लिए बैडवर्क में बदल गया। चीनी व्यापारी ने पुलिस टीम पर ही 28 बोरी चीनी गायब करने का आरोप लगा दिया।
इस पर जैसे ही एसएसपी ने जांच बैठाई थाने में खड़े ट्रक में गायब चीनी की बोरियों की गिनती पूरी कर दी गई। फिर खुद को फंसते देख पुलिस ने आधी-अधूरी कार्रवाई कर व्यापारी को ट्रक सौंप दिया।
बता दें कि शुक्रवार रात पुलिस ने मेरठ के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र से लूटे गए चीनी के ट्रक समेत छह बदमाशों को गुलावठी थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। शनिवार दोपहर पुलिस ऑफिस में एसपी क्राइम पत्रकारों से पुलिस की गुडवर्क की जानकारी दे रहे थे।
शनिवार शाम जब व्यापारी ने गुलावठी थाने पहुंचा तो ट्रक का तिरपाल खुला हुआ था। चीनी की बोरियां गिनती करने पर करीब 28 बोरियां कम निकलीं। यानि 348 की जगह 320 बोरी ट्रक में थी। व्यापारी ने रात में ही एसएसपी से इसकी शिकायत कर दी।
शनिवार रात एसएसपी ने सख्ती कर मामले की जांच सीओ गुलावठी हिमांशु गौरव को सौंप दी। जांच बैठते ही पुलिस ने गायब की बोरियां ट्रक में लदवा दी। फिर आनन-फानन में व्यापारी से संपर्क कर दबाव बनाया कि वह कोई कार्रवाई नहीं करे।
पुलिस के दबाव के चलते व्यापारी बिना कार्रवाई के चीनी की पूरी बोरियां पूरी होने की बात पुलिस को लिखकर दे दी। उसके बाद उसे पुलिस ने सीधे बरामद चीनी और ट्रक सौंप दिया।
दरअसल, अमूमन माल की बरामदगी के बाद उसको कोर्ट से इजाजत लेनी पड़ती है। लेकिन पुलिस ने खुद की गर्दन फंसते देख ट्रक और माल को खुद ही बिना कोर्ट की कार्रवाई के सौंप दिया।