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ऑनर किलिंग थी लक्ष्मी नारायण की हत्या

Wed, 27 Apr 2016 10:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर
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हत्यारोपी धमेंद्र। - फोटो : अमर उजाला
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रामघाट थाना क्षेत्र के गांव परिहावली निवासी लक्ष्मी नारायण की हत्या झूठी आन के लिए उसकी प्रेमिका के पिता ने अपने बेटे और भाइयों के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने बुधवार को हत्या में नामजद एक आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया।
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पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया वह तार भी बरामद कर लिया है जिससे लक्ष्मीनारायण का गला घोंटा गया। वहीं पुलिस तफ्तीश में हत्या के तीन आरोपियों की नामजदगी गलत पाई गई है। परिहावली गांव के निवासी भानू प्रताप के 22 वर्षीय पुत्र लक्ष्मी नारायण का शव 19 अप्रैल 2016 की सुबह खेत में मिला था।

भानु प्रताप ने इस मामले में गांव के ही संजय, पंकज पुत्रगण बद्री, तेजवीर पुत्र मोहर सिंह, धर्मेंद्र पुत्र उम्मेद और तेजवीर उर्फ डिग्गा पुत्र इंद्रपाल के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।  एसपी देहात पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि बुधवार सुबह एक आरोपी धर्मेंद्र पुत्र उम्मेद को गांव के पास से गिरफ्तार किया गया।
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पूछताछ में उसने बताया कि उसके चचेरे भाई पंकज पुत्र धर्मवीर की बहन से लक्ष्मी नारायण के प्रेम संबंध थे। हत्या के कुछ दिन पहले तेजवीर उर्फ डिग्गा पुत्र इंद्रपाल ने दोनों को खेत पर आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था।

इसी बात को लेकर पंकज और उसके चाचा ताऊ गुस्से में थे। उसने बताया कि 18 अप्रैल की शाम वह लक्ष्मी के घर गया और भूसा ढुलाने के लिए बुलाकर ले आया। रास्ते में धर्मवीर, धर्मपाल, तेजवीर उर्फ डिग्गा पुत्रगण इंदरपाल और पंकज पुत्र धर्मवीर मिल गए। इसके बाद लक्ष्मी को जंगल में ले गए और तार के टुकड़े से उसका गला घोटकर हत्या कर दी। शव को जंगल में छोड़कर भाग गए।

धर्मेंद्र ने पिलाई थी लक्ष्मी को शराब
घटना को अंजाम देने से पहले धर्मेंद्र भूसा ढुलाई के लिए लक्ष्मी को बुलाकर अपने साथ लाया। जंगल में पहले उसने लक्ष्मी को शराब पिलाई। जब लक्ष्मी नशे की हालत में हो गया तो वह उसे धर्मवीर, धर्मपाल, तेजवीर और पंकज के पास ले गया।

हत्या कर शव को लटकाने की थी साजिश
धर्मेंद्र ने पुलिस को बताया कि उनकी योजना हत्या करने के बाद शव को लटकाने की थी। इसके लिए लक्ष्मी के कपड़े उतार लिए थे। लक्ष्मी की लाश को शर्ट के जरिए पेड़ पर लटकाते, लेकिन पकड़े जाने के डर से सभी लोग जल्द ही भाग खड़े हुए।

फर्जी नामजदगी से खुलासे में हुई देरी
एसपी देहात पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि शुरुआती जांच में संजय, पंकज पुत्रगण बद्री और तेजवीर पुत्र मोहर सिंह निर्दोष मिले हैं। लेकिन अभी जांच जारी है। फर्जी नामजदगी के चलते खुलासे में देरी हुई। अन्य आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
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