दूसरे का प्लॉट अपना बताकर बेचने के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्जीय गैंग का भंडाफोड़ कर क्राइम ब्रांच ने एक शातिर को दबोचा है। यह गिरोह राधा स्वामी सत्संग मेें आने वाले श्रद्धालुओं को अपना निशाना बनाता है।
पीड़ित जब रुपये वापस करने का दबाव बनाते तो आरोपी पाकिस्तानी सिम से कॉल कर जान से मारने की धमकी देते थे। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
एसपी क्राइम अरविंद कुमार पांडेय ने बताया कि 25 मार्च को जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के गांव रिवाड़ा निवासी डालचंद पुत्र स्व. गरीबदास ने कोतवाली देहात में धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई थी।
बताया था कि बीते साल भूड़ चौराहे के पास राधा स्वामी सत्संग सेंटर पर उनकी मुलाकात धीरेंद्र कुमार व सत्यम सिंह से हुई। दोनों ने सौरभ कुमार, वीरेंद्र कुमार, संदीप कुमार, ब्रजेश साकेत, गोविंद प्रसाद, सूर्यपाल, गुलशन लौनिया, विजय कुमार, अर्जुन सिंह नाम के व्यक्तियों से मुलाकात करवाई।
आरोपियों ने डालचंद को अपनी बातों में फंसाकर यमुनापुरम में बेचने के लिए कई प्लॉट दिखाकर डालचंद से करीब 29 लाख रुपये एडवांस ले लिए। एसपी ने बताया कि 8 अप्रैल की सुबह करीब 10.30 बजे क्राइम ब्रांच की टीम को सूचना मिली कि गैंग का एक शातिर भूड़ चौराहे पर खड़ा है।
टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया, जिसकी की पहचान धीरेंद्र पुत्र इंद्रमणी उपाध्याय निवासी सोनवर्षा मजरा अमहाटोला कोटर जनपद सतना मध्य प्रदेश के रूप में हुई।
आरोपी धीरेंद्र ने पुलिस को बताया कि वह और अपने मामा के लड़के रज्जन तिवारी पुत्र रामनिवास तिवारी से मिलकर गैंग चलाता है। जिसमें सत्संग में आए व्यक्तियों को निशाना बनाते हैं। धीरेंद्र ने बताया कि रज्जन तिवारी के पास पाकिस्तान के दो सिमकार्ड हैं। पीड़ित रुपये लौटाने का दबाव बनाते है तो वह उन नंबरों से कॉल जान से मारने की धमकी देता है।