बार-बार गुलावठी के लक्ष्मी अल्पावास गृह से लड़कियों के गायब होने के मामले की जांच कर रहे डीपीओ ने संस्था की भूमिका को संदिग्ध मान लिया है। उनका कहना है कि अल्पावास गृह से लड़कियों का गायब हो जाना अप्रिय घटना की ओर इशारा कर रहा है।
बता दें कि 14 माह पूर्व भी इस संस्थान से गायब पांच लड़कियों में से एक का आज तक सुराग नहीं लग पाया है। वहीं, पुलिस को 30 घंटे बाद भी बृहस्पतिवार को गायब लड़कियों का सुराग नहीं लगा।
लक्ष्मी अल्पावास गृह की अधिक्षिका प्राची एस वर्मा ने गुलावठी कोतवाली में इस मामले को लेकर रिपोर्ट दर्ज करा दी है। बताया है कि मोहल्ला शराफतुल्ला स्थित लक्ष्मी अल्पावास गृह में संरक्षण पा रही शमां परवीन निवासी माकड़ी, सज्जो निवासी मौ. नूरवफान जहांगीरबाद, मीना निवासी ग्राम घूमसी थाना मदारीहट जिला जलपाई गुड़ी बंगाल, रंजना (22) निवासी गोरखपुर बृहस्पतिवार दोपहर गृह से गायब हो गई हैं।
इस मामले में अब तक जांच में स्पष्ट हो गया है कि प्रबंधन की चूक से लड़कियां गायब हुईं हैं। घटना के समय अल्पावास में कोई चौकीदार या सुरक्षा गार्ड नहीं था। डीपीओ वीके सिंह ने बताया कि नवदीप संस्था का पंजीकरण रद्द करने के लिए उच्च अफसरों को लिखा जाएगा। जांच के बाद प्रबंधन पर भी कड़ी कार्रवाई मुमकिन है
। प्रबंधन की ओर से एफआईआर दर्ज कराने कर पल्ला झाड़ने से काम नहीं चलेगा। जो लड़कियां गायब हुईं हैं इसकी जवाबदेही संस्था की है। वहीं, देर शाम घटना की जानकारी लेने के लिए एसपी सिटी राम मोहन सिंह अल्पावास गृह पहुंचे। सीओ चंद्रधर गौड़ का कहना है कि लड़कियों का अभी कोई सुराग नहीं लगा है। पुलिस की तीन टीमें खोजबीन में लगाई गई हैं।