70 दिन तक मृतक के इलाज की जानकारी लेता रहा स्वास्थ्य विभाग
बुलंदशहर। कोरोना से जनवरी में जान गंवाने वाली महिला स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में मार्च तक सक्रिय मरीज बनी रही। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लगातार उसके परिजनों को फोन कर उसके इलाज की जानकारी भी ली जाती रही। इससे परेशान परिजनों के अफसरों से आपत्ति जताने के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ। तब जाकर 70 दिन बाद उसकी मौत की जानकारी अपडेट की गई। अब तीसरी लहर में कोरोना से जान गंवानों वालों की संख्या दस पहुंच गई है।
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की शुरुआत दिसंबर में हो गई थी। जिले में पहली बार 20 दिसंबर को जहांगीराबाद में एक संक्रमित मिला था। इसके बाद फरवरी तक लगातार संक्रमित मिलते रहे। मार्च में एक-दो मरीज मिलते रहे। बुलंदशहर निवासी एक महिला को 12 जनवरी को अलीगढ़ में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। उपचार के दौरान 13 जनवरी को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में उसकी मौत हो गई थी। पोर्टल पर उसके मौत की जानकारी अपडेट नहीं की गई। रिपोर्ट अपडेट न होने से उसकी गिनती सक्रिय मरीजों में होती रही। लंबे इलाज को देखते हुए समय-समय पर जिले के स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य संबंधी पूछताछ के लिए परिजनों को फोन किया जाता रहा। मृतका के भाई हबीव ने बताया कि वह हर बार मौत की जानकारी देता रहा, बावजूद फोन आने का सिलसिला नहीं थमा। इसके बाद उसने सीएमओ मामले से अवगत कराया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने 17 फरवरी को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को पत्र भेजा। कोई जवाब न आने पर 22 मार्च को तीसरी बार पत्र भेजने के साथ फोन से अवगत कराया। एसीएमओ एवं नोडल अधिकारी डॉ. रोहताश यादव ने बताया कि 25 मार्च को मौत की रिपोर्ट अपडेट कर दी गई।
तीसरी लहर के आंकड़े
माह मिले संक्रमित स्वस्थ हुए मौत
दिसंबर 04 - 01 - 00
जनवरी 5501 - 4778 - 06
फरवरी 837 - 1525 - 03
मार्च 23 - 51 - 01
कुल 6365 - 6355 - 10
नोट - यह आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के हैं।
जिले में अब तक कोरोना की स्थिति
कुल संक्रमित - 26584
कुल स्वस्थ - 26280
कुल मौत - 253